मुंबई. हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की बेहतरीन अभिनेत्री और फिल्म निर्माता-निर्देशक पूजा भट्ट बॉलीवुड में अभिनेत्रियों या यों कह लें महिलाओं की स्थिति को लेकर चिंतित हैं. कई वर्षों तक हिंदी की कई फिल्मों के जरिए अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने वाली पूजा को लगता है कि सिनेमा के पर्दे पर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को पूरा मौका नहीं मिल पाता है. दरअसल, अभिनेत्री एवं निर्देशक पूजा भट्ट ने कहा कि महिलाएं अपनी उम्र के 40वें दशक में अपने दिलो-दिमाग को बेहतर तरीके से समझने लगती हैं. लेकिन उन्हें बड़े पर्दे पर सही से नहीं दिखाया जाता है. वहीं अभिनेता अपने से आधी उम्र का किरदार निभाते रहते हैं.Also Read - नशे में धुत्त इस एक्टर ने Pooja Bhatt की कर दी थी जबरदस्त पिटाई, इतना मारा...इतना मारा... लहूलुहान कर छोड़ा

पूजा भट्ट 18 साल बाद ‘सड़क2′ से अभिनय की दुनिया में वापसी कर रही हैं. अभिनेत्री ने कहा, ‘‘मैंने एक तरह से अभिनय को अलविदा कह दिया था लेकिन अगर आप एक बार कलाकार बन जाते हैं तो हमेशा कलाकार रहते हैं. जिंदगी के पास मेरे लिए अलग योजनाएं हैं. जैसे कि मैं अभिनेत्री नहीं बनना चाहती थी, मैं आर्किटेक्ट या अंतरिक्षयात्री बनना चाहती थी. लेकिन ‘डैडी’ में काम किया और बाकी तो इतिहास है ही.’ Also Read - सनी देओल...पूजा भट्ट...दुलकीर धमाल मचाने को तैयार, दिमाग की नसें कस लें बाल्की करेंगे ऐसा पहली बार

अभिनेत्री ‘सड़क2′ के साथ ही साथ एक वेब सीरिज में भी काम कर रही हैं. एक अभिनेत्री के तौर पर भट्ट की अब तक की आखिरी फिल्म ‘ एवरीबडी सेज आई एम फाइन’ थी. उन्होंने कहा, ‘‘एक चीज जो मैं होते हुए नहीं देख रही हूं, वह यह कि निश्चित उम्र की महिलाओं को पर्दे पर अच्छे तरह से नहीं दिखाया जाता है. हमें आगे बढ़ना होगा. भारत में दरअसल मर्द बूढ़े नहीं होते. मर्दों से छोटी जो महिलाएं होती हैं, वह अचानक मां का किरदार अदा करने लगती हैं.’ हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन फिल्म देने वाले निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट की बेटी पूजा भट्ट का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बॉलीवुड में कुछ ही दिन पहले शुरू हुए #MeToo अभियान की आंच धीमी पड़ी है. Also Read - Mahesh-Pooja Bhatt के Smooch पर मचा था बवाल, बोले- अगर बेटी न होती तो शादी कर लेता

(इनपुट – एजेंसी)