अभिनेत्री जरीन खान का मानना है कि भारत में मोटे मॉडल्स को पहचान बनाने में काफी लंबा समय लग जाता है. वह खुद भी किसी समय 100 किलोग्राम वजनी रह चुकी हैं. जरीन ने गुरुवार को फैशन डिजाइनर नरेंद्र कुमार के साथ अपकमिंग लैक्मे फैशन वीक 2018 के लिए मोटे माडल्स के चयन के लिए आयोजित ऑडिशन की ज्यूरी में शामिल थीं. Also Read - सोनाक्षी से लेकर मलाइका अरोड़ा तक, बॉलीवुड के ये सेलेब्स हुए इन जगहों पर स्पॉट, See Video

Also Read - सुशांत केस की CBI जांच से खुश हुए बॉलीवुड सितारे, कंगना-अक्षय कुमार बोले- सच की जीत होती है

उन्होंने कहा, “यह बहुत अच्छा अनुभव रहा और ऑडिशन राउंड देखकर मजा आ गया, क्योंकि स्कूल और कॉलेज के दिनों में मेरा वजन 100 किलोग्राम से अधिक था.” उन्होंने कहा, “जब मैं अपने लिए कपड़े खरीदने जाती थी तो मेरे पास ऑप्शन नहीं होते थे, क्योंकि प्लस-साइज के लोग अधिक नहीं होते.

मै हैरान हूं कि भारत में मोटे लोगों को पहचान बनाने में समय क्यों लगता है, क्योंकि सामान्य दिखने वाले मॉडल की तुलना में वे आत्मविश्वास से भरे और उत्साही हैं.” स्टाइल मंत्र के बारे में पूछे जाने पर जरीन ने कहा, “जो कुछ भी पहले सहज और आत्मविश्वास से भरा हो. मैं ट्रेंड्स और फैशन की परवाह नहीं करती, जो ज्यादातर लोग करते हैं. मैं वहीं पहनती हूं, जिसमें सहज महसूस करती हूं.”

जरीन का यह भी मानना है कि सालों से प्लस साइज लोगों को सीरियस तरीके से ट्रीट नहीं किया जाता है. जब वह स्कूल कॉलेज में प्लस साइज की हुआ करती थी तो उनको कभी भी फैशनेबल और अच्छे कपड़े पहनने के लिए नहीं मिलते थे.