नई दिल्ली: साल 2011 में आई फिल्म ‘ये साली ज़िंदगी’ से चर्चा में आने वाली एक्ट्रेस अदिति राव हैदरी (Aditi Rao Hydari) पिछले कुछ वर्षों में कई दक्षिण भारतीय फिल्मों में दिखाई दी हैं, लेकिन बॉलीवुड में उनकी कम ही फिल्में रिलीज हुईं हैं. अभिनेत्री का कहना है कि उनके लिए भाषा या फिल्म उद्योग नहीं है, बल्कि फिल्म सबसे ज्यादा मायने रखती है. अदिति ने बताया, “कहा गया कि अब मैं दक्षिण में अपने करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं और मुंबई छोड़ चुकी हूं. लेकिन मैं कहीं नहीं गई. स्क्रिप्ट्स और अवसर मुझे हर जगह ले गए. अगर कहानी रोमांचक है तो मुझे फिल्म के लिए क्यों मना करना चाहिए? मुझे लगता है कि हम अभिनेता की वो पीढ़ी हैं, जिनके लिए भूमिका की लंबाई नहीं बल्कि उसका सार मायने रखता है.” Also Read - 'दुनिया में कहीं भी मुफ्त में खाना नहीं मिलता', शिल्पा शेट्टी कुंद्रा ने बॉलीवुड में स्टारडम पर कही ये बात 

बॉलीवुड में उनकी आखिरी फिल्में ‘पद्मावत’ और ‘दास देव’ थीं. दोनों फिल्में 2018 में रिलीज हुईं थीं. लगभग इतने ही समय में उन्होंने दक्षिण में तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में पांच फिल्में कीं. परिणीति चोपड़ा स्टारर उनकी आगामी हिंदी फिल्म ‘द गर्ल ऑन ए ट्रेन’ है, जबकि तमिल में दो और तेलुगु में एक फिल्म रिलीज के लिए तैयार हैं. Also Read - शिल्पा शेट्टी के नाम पर सालों से हो रही थी करोड़ों की धोखाधड़ी, पुलिस ने अब किया भंड़ाफोड़, जानें पूरा मामला

उन्होंने कहा, “मैं ऐसी चीज की तलाश करती हूं, जिसमें मुझे कुछ कलाकार के रूप में चुनौती दी जाती है. उदाहरण के लिए, फिल्म ‘पद्मावत’ में मेरी भूमिका को देखें. जब संजय (लीला भंसाली) ने मुझे फोन किया तो उन्होंने मुझे चारों किरदारों के बारे में बताया और कहा कि ये किरादार सबसे छोटा है लेकिन कहानी आपके चरित्र के बिना अधूरी होगी. आखिरकार, जब मुझे मेहरुनिसा के चरित्र के लिए तारीफ मिली तो मुझे खुशी हुई. मेरे लिए चरित्र का प्रभाव मायने रखता है.”