गायक-संगीतकार अदनान सामी का कहना है कि पद्म श्री मिलने के बाद वह खुद को अपने काम के प्रति और भी जिम्मेदार महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “यह वाकई में अनमोल है. मुझे लगता है कि जब आपको पद्म श्री जैसे किसी प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है, तो इससे जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. अब मैं और अधिक कोशिश करने और ज्यादा बेहतर करने की दिशा में जिम्मेदारी का एक जबरदस्त एहसास महसूस कर रहा हूं.”

कई विपक्षी राजनेताओं सहित तमाम भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने सामी को पद्म श्री से सम्मानित करने के लिए सरकार की आलोचना की. लोगों का कहना है कि एक ऐसे वक्त में जब पाकिस्तान के साथ देश के संबंध अच्छे नहीं है, सामी को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाना उचित नहीं है. कई लोगों का ऐसा भी मानना है कि भारत में कई ऐसे और योग्य संगीतकार हैं जिन्हें अनदेखा कर दिया गया है. हालांकि सामी इन आलोचनाओं को लेकर चिन्तित नहीं है.

मुंबई में अपने नए गीत ‘तू याद आया’ के लॉन्च पर उन्होंने कहा, “अगर किसी को यह बात पसंद नहीं है, तो कोई बात नहीं. मैंने उन्हें माफ कर दिया है. ये बेचारे लोग हैं और उम्मीद करता हूं उन्हें इससे सीख मिलेगी. अगर कुछ गिने-चुने लोगों को यह पसंद नहीं, तो इसका कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि 130 करोड़ लोगों ने इस निर्णय को पसंद किया, तो वे कौन होते हैं? इन्हें दूर ही रखा जाना चाहिए.”

 

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अदनान आगे कहते हैं, “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस क्षेत्र में मुझे यह पुरस्कार दिया गया है वह कला और संगीत है. अपने प्रशंसकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी से मैं अवगत हूं. मेरा देश मेरे पेशे से है, जो संगीत है.”

 

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उन्होंने इसके साथ ही यह भी कहा, “इसलिए आमतौर पर एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, मेरी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि मैं अपने पेशे के माध्यम से अपना सर्वश्रेष्ठ दूं, जो कि संगीत है, जिसके चलते मुझे सम्मानित किया गया है और संगीत के माध्यम से ही उन्हें अपना प्यार दूं.”

देश के 71वें गणतंत्र दिवस पर अदनान सामी को पद्म श्री दिया गया. गृह मंत्रालय ने सामी सहित 118 लोगों की एक सूची जारी की. इस पुरस्कार ने भारत में सामी के योगदान को मान्यता दी.

(इनपुट एजेंसी)