भगवान एक है. बनाने वाला एक है. उसके महरूख भी उसी के बनाए हुए हैं. इसलिए उसे बांटना मालिक की रज़ा के खिलाफ है. ‘नानक शाह फकीर’ में फिल्म के डायरेक्टर ने बेहतरीन ढंग से बचपन से लेकर आखिर तक ‘गुरु नानक’ जी को एक ‘दिव्य ज्योति’ के रूप में दिखाया है. जो आपके दिल को छू जाती है. मन तक उतर जाती है. ये फिल्म 2015 में मुश्किलों से सेंसर से पास हुई थी लेकिन रिलीज के एक हफ्ते के बाद ही शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने इस फिल्म को बैन कर दिया था. अब अक्षय कुमार इसके सपोर्ट में उतरे हैं और फिर से इसका ट्रेलर लॉन्च किया है. जल्द ही आप इसे सिनेमाघरों में देख सकते हैं. Also Read - Porn Movie Commentary Offer: अक्षय की मूवी के रैपर को मिला पॉर्न मूवी की कमेंट्री के बदले 7 करोड़ रुपये का ऑफर

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मिड-डे को दिए एक बयान में फिल्म के प्रोड्यूसर पुनीत सिक्का ने कहा कि हमारी फिल्म के समर्थन के लिए अक्षय कुमार सामने आए और ट्रेलर को लॉन्च किया. उनकी मदद हमारे लिए काफी मायने रखती है. Also Read - मुंबई में UP के सीएम योगी से आज मिलेंगी बॉलीवुड की कई हस्‍तियां, कल अक्षय कुमार ने की थी मुलाकात

फिल्म की कहानी
पंजाब के तलवंडी (जो अब पाकिस्तान में है) में एक खत्री परिवार में जन्म होता है एक बच्चे का जन्म होता है जिसका नाम ‘नानक जी’ रखा जाता है. जन्मपत्री के अनुसार उन्हें भगवान का अवतार कहा जाता है. वो अपने गुरु के एक सवाल पूछे जाने पर दो नए सवाल रख दिया करते थे. नानक जी का सुल्तानपुर बाजार जाकर काम करना, सच्चा सौदा करके साधुओं को भोजन कराना, मरजाना को मरदाना नाम देना, सच्चाई की राह पर चलने की शिक्षा देना. यह सब कुछ इस फिल्म के माध्यम से दिखाया गया है. साथ ही ‘लंगर’ लगने की प्रथा के बारे में भी इस फिल्म में दिखाया गया है.