‘पैडमैन’ की रिलीज के कुछ महीनों बाद, बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने पीरियड्स के संबंध में जागरुकता फैलाने का अपना अभियान जारी रखा है. वह इस संबंध में एक नए अभियान का समर्थन कर रहे हैं, जो सेनेटरी नैपकिन प्रयोग करने वाली महिलाओं में 18 प्रतिशत से 82 प्रतिशत के बीच के अंतर को कम करेगा. #18to82 अभियान Niine.com आंदोलन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पीरियड्स के बारे में जागरुकता फैलाना, सभी उम्र के महिलाओं और परुषों के समूहों के बीच वर्षो पुराने मिथ्यों को मिटाना है.

पैडमैन में इन मुद्दों को उठाने वाले अक्षय ने अभियान के समर्थन में सोशल मीडिया पर कहा, “केवल 18 प्रतिशत भारतीय महिलाएं सेनेटरी नैपकिन का प्रयोग करती है, वहीं 82 प्रतिशत महिलाएं किसी अन्य अस्वास्थ्यकर साधनों को अपनाती हैं.”

अभिनेता ने अपने बयान में कहा, “पीरियड्स पर खुली बहस और बिना डरी हुई बात ताकतवर है क्योंकि यह वर्जनाओं को तोड़ती है..मासिक धर्म स्वच्छता एक आवश्यक मुद्दा है जिसे हमें अवश्य ही सुलझाना चाहिए.”

उन्होंने कहा, “साथ मिलकर, हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि सभी महिलाएं अपने मासिक को सम्मान के साथ और सुरक्षित तरीके से पूरा करें और Niinemovement अभियान इस समाजिक आंदोलन को दिशा दे सकता है. महिलाओं का सशक्तीकरण पूरे देश का सशक्तीकरण है.” नाइन मूवमेंट के जरिए जमीनी बदलाव लाने के लिए 28 मई को मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता दिवस पर आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में यह आंदोलन शुरू किया जाएगा.