अभिनेत्री आलिया भट्ट ने अपनी मां सोनी राजदान की प्रमाणन विवाद में फंसी फिल्म ‘नो फादर्स इन कश्मीर’ का बचाव करते हुए कहा कि यह फिल्म करुणा एवं सहानुभूति पर आधारित है और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को इस पर से “प्रतिबंध” हटा देना चाहिये.

हालांकि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात से इनकार किया है.

सीबीएफसी मुंबई के क्षेत्रीय अधिकारी तुषार कारमेरकर ने कहा है कि प्रतिबंध के बारे में गलत जानकारियां फैलाकर बेवजह दबाव बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है.फिल्म पर प्रतिबंध लगाए जाने की खबर पूरी तरह झूठी है और सभी जिम्मेदार लोगों को यह बात समझनी चाहिये.

मीडिया में जारी खबरों के मुताबिक, फिल्म छह महीने से भी ज्यादा समय से सीबीएफसी में अटकी हुई है और इसे ‘ए’ श्रेणी का प्रमाण पत्र देने की पेशकश की गई है.फिल्म के निर्माताओं ने बोर्ड के फैसले को चुनौती देते हुए ‘यू/ए’ श्रेणी का प्रमाण पत्र देने की मांग की है.

अभिनेत्री स्वरा भास्कर के फिल्म का बचाव करने के बाद आलिया भट्ट का यह बयान आया है.

भट्ट ने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया, “अपनी मां सोनी राजदान और अश्विन कुमार की फिल्म ‘नो फादर्स इन कश्मीर’ को लेकर अति उत्सुक हूं.फिल्म की टीम ने कश्मीर में किशोरों की प्रेम कहानी पर बहुत मेहनत की है.”

उन्होंने लिखा, “मुझे उम्मीद है कि सीबीएफसी फिल्म से प्रतिबंध हटा देगा.यह फिल्म करुणा पर आधारित है.प्यार को एक मौका देना चाहिए.”

(इनपुट एजेंसी)

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