यौन शोषण के खिलाफ शुरू हुए #मीटू अभियान के तूफान ने सोमवार को और जोर पकड़ लिया. कई महिलाओं ने मनोरंजन और मीडिया जगत में यौन शोषण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए जिनके बाद से कुछ लोगों ने अपनी गलती मानकर सोशल मीडियो पर माफी मांगी तो वहीं कुछ ने कहा कि वे सही वक्त आने पर इसका जवाब देंगे. बहरहाल, इस अभियान में अब एक नाम और शामिल हो गया है और वो हैं हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता आलोक नाथ जो ‘संस्कारी बाबूजी’ के नाम से फेमस है. अब उनपर इस तरह का आरोप लगना हैरान तो करता ही है. दरअसल, 80 और 90 के दशक में टेलीविजन की जानी-मानी लेखिका/निर्माता/निर्देशक विनता नंदा ने, जो 1993 से 1997 तक लोकप्रिय सीरियल ‘तारा’ की लेखिका थीं और आलोकनाथ ने इसी सीरियल में एक लीड एक्टर के तौर पर काम किया था.

विंटा के मुताबिक, आलोक नाथ ने उनके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया. जब वो साल 1994 के मशहूर टीवी शो तारा के लिए काम कर रही थी.विंटा ने फेसबुक पर एक लंबा-चौड़ा लेटर लिखा है जिसमें उन्होंने आलोक नाथ का नाम लिए बिना लिखा, ‘उन्होंने मेरे साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया, जब मैं साल 1994 के मशहूर शो ‘तारा’ के लिए काम कर रही थी.’ इसके बाद आलोक नाथ ने भी इस मामले में अपनी सफाई दी है. एक निजी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं विंटा को अच्छे से जानता हूं. इस समय इस मामले पर मैं चुप ही रहना चाहूंगा. उन्होंने अपने विचार रखे हैं जोकि उनका हक है. मैं अभी तक इस बात को पचा नहीं पा रहा हूं, बाद में इस पर कमेंट करूंगा.

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बता दें, पिछले कुछ सालों में कथित यौन शोषण का शिकार बनीं महिलाओं ने अपने कथित गुनहगारों के नाम सार्वजनिक किए जिसके साथ सोशल मीडिया पर नये नामों की बाढ़ सी आ गयी. इसी बीच महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि यौन उत्पीड़न और शोषण को लेकर मन में बना हुआ गुस्सा कभी नहीं जाता. उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में संवाददाताओं से कहा कि वह बहुत खुश हैं कि #मी टू अभियान भारत में भी शुरू हो गया है और इससे महिलाओं को सामने आकर शिकायत करने का हौसला मिला है.

 

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