बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन 11 अक्टूबर को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं. अमिताभ बच्चन को लोग ‘एंग्री यंग मैन’ और ‘बिग बी’ के नाम से भी जानते हैं. बचपन में इनका नाम इंकलाब रखा गया था लेकिन कवि सुमित्रानंदन पंत की सलाह पर इनके पिता हरिवंश राय बच्चन ने उनका नाम बदलकर अमिताभ कर दिया. आज बिग बी जिस मुकाम पर हैं जहां शायद ही कोई और पहुंच सके. लेकिन बॉलीवुड का महानायक बनने का सफर इतना आसान नहीं था. 1969 में उन्होंने अपना फिल्मी करियर मृणाल सेन की बंगाली फिल्म में आवाज देकर किया.

फिल्मो में काम करने के लिए अमिताभ बच्चन ने कोलकाता की नौकरी छोड़ मायानगरी मुबंई चले आए.मुंबई में जब बिग बी के पास रहने को घर नहीं था तो उन्होंने कई रातें मरीन ड्राइव के बीच पर गुजारी. इस वक़्त में उस दौर के सुपरस्टार कॉमेडियन महमूद अली ने अमिताभ को अपने घर में रहने की जगह दी. म्यूजिक कम्पोजर कल्याण जी-आनंद जी ने भी उनकी मदद की.

पैसों की कमी के चलते अमिताभ ने ऑल इंडिया रेडियो में न्यूज रीडर की नौकरी के लिए इंटरव्यू दिया. लेकिन भारी आवाज़ और सांवले रंग और कद काठी की वजह से अमिताभ को रिजेक्ट कर दिया गया.

अमिताभ का फ़िल्मी सफ़र शुरू हुआ 1969 में केअब्बास की फ़िल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ से. फ़िल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ में अमिताभ ने उत्पल दत्त और एके हंगल जैसे वरिष्ठ कलाकारों के साथ काम किया .फ़िल्म के लिए अमिताभ को बेस्ट डेब्यू के लिए नेशनल अवार्ड मिला . हालाँकि इस फिल्म के लिए उन्हें महज़ 1000 रुपये ही मिले थे.

उन्हें सबसे पहले सुनील दत्त ने फिल्म ‘रेश्मा और शेरा’ के लिए साइन किया था. इसके लिए खुद इंदिरा गांधी ने अपनी दोस्त रहीं एक्ट्रेस नरगिस को लेटर लिखा था. ये फिल्म 1971 में रिलीज हुई थी. इंदिरा गाँधी अमिताभ की माँ तेजी बच्चन की भी अच्छी दोस्त थीं.

इसी दौरान अमिताभ ने निर्देशक हृषिकेश मुखर्जी के कहने पर एक्ट्रेस जया भादुड़ी से शादी की हालाँकि इस शादी में अमिताभ के बेहद करीबी लोग ही शामिल हुए थे .जया भादुड़ी से अमिताभ की पहली मुलाकात पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में हुई थी.

अमिताभ यहां वह सात हिंदुस्तानी की शूटिंग के लिए पहुंचे थे, जबकि जया यहां पढ़ाई कर रही थीं. बता दें की अमिताभ और जया एकमात्र ऐसे रियल लाइफ कपल हैं जो ऑनस्क्रीन 30 से ज्यादा फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं.

इसके बाद वर्ष 1971 में वे फिल्‍म ‘आनंद’ में नजर आये . फिल्‍म में उन्‍होंने एक सहायक कलाकार की भूमिका निभाई. इस फिल्‍म के लिए भी उन्‍हें सर्वश्रेष्ठ सहायक कलाकार का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला. इसके बाद उन्‍होंने फिल्‍म ‘परवाना (1971)’ में काम किया. उन्‍होंने फिल्‍म ‘रेशमा और शेरा’, ‘गुड्डी’, ‘बॉम्‍बे टू गोवा’ और ‘बावर्ची’ जैसी फिल्‍मों में काम किया. ये समय अमिताभ के संघर्ष का समय था. यह सभी फिल्‍में बॉक्‍स ऑफिस पर सफल नहीं रही.

एक के बाद एक कई फ़िल्में फ्लॉप होने के बाद लोगों ने अमिताभ को फिल्म लाइन छोड़ कर कुछ और करने की सलाह भी दी . कुछ ने तो अमिताभ को कवि बनने को भी कहा. लेकिन अमिताभ ने हार नहीं मानी.साल 1973 में कामयाबी ने एक बार फिर अमिताभ के ज़िन्दगी में दस्तक दी .1973 में प्रकाश मेहरा की फिल्‍म ‘जंजीर’ में इंस्‍पेक्‍टर विजय के रूप में नज़र आए .इस फिल्‍म ने उनके करियर को नया मोड़ दिया . 1973 ही वह साल था जब अमिताभ ने 3 जून को जया से विवाह किया और शादी के एक महीने बाद ही फिल्‍म ‘अभिमान’ रिलीज हो गई थी जिसमें दोनों ने मुख्‍य भूमिका निभाई थी.

फिल्‍म ‘जंजीर’ बॉक्‍स ऑफिस पर सुपरहिट रही और अमिताभ के करियर में एक नया मोड़ आया. इसके बाद उन्‍होंने एक के बाद एक कई हिट फिल्‍में दी. इन फिल्‍मों में ‘अभिमान’, ‘सौदागर’, ‘रोटी, कपड़ा और मकान’, ‘दीवार’, ‘शोले’, ‘डॉन’, ‘लावारिस’, ‘सत्ते पे सत्ता’, ‘नमक हलाल’, ‘कूली’, ‘आक्रोश’, ‘चीनी कम’, ‘निशब्द’, ‘सरकार राज’, ‘ब्लैक’ और ‘पा’ जैसी फिल्में शामिल है. इन फिल्‍मों से अमिताभ ने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई.

1979 में पहली बार अमिताभ को फिल्‍म ‘मि. नटवरलाल’ के लिए अपनी सहयोगी कलाकार रेखा के साथ काम करते हुए गीत गाने के लिए अपनी आवाज का उपयोग करना पड़ा .फिल्म में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर और बेस्ट प्ले बैक सिंगर का अवार्ड मिला और फिल्म को बेस्ट फिल्म का भी अवार्ड मिला. इसी दौरान अमिताभ का नाम एक्ट्रेस रेखा के साथ जुड़ा और इन दोनों के अफेयर्स की खूब चर्चा भी हुई लेकिन कुछ समय बाद इन दोनों ने दूरियां बना ली.

अमिताभ का फेवरेट स्क्रीन नाम विजय रहा है. 20 से ज्यादा फिल्मों में बिग बी का नाम विजय था. उनका दूसरा फेवरेट स्क्रीन नाम अमित था . अमिताभ इकलौते ऐसे एक्टर हैं जिन्होंने सबसे ज्यादा डबल रोल (डॉन, कसमें-वादे, सूर्यवंशम, बड़े मियां-छोटे मियां, लाल बादशाह) किए हैं. फिल्म ‘महान’ में तो अमिताभ ने ट्रिपल रोल निभाया था.अमिताभ बच्चन ने 1988 में फिर से फिल्‍मों में काम करना शुरू कर दिया . उन्‍होंने फिल्‍म ‘शहंशाह’ में काम किया और उनकी यह फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर हिट रही. इसके बाद उनकी कोई फिल्म खास नहीं चली. 1991 में उन्‍होंने फिल्‍म ‘अग्निपथ’ में माफिया डॉन की मिका निभाई और फिल्म सुपरहिट साबित हुई . फिल्म के लिए उन्‍हें ‘नेशनल अवार्ड भी मिला. 90 के दशक के आखरी सालों में अमिताभ की दूसरी कमबैक फिल्म ‘मृत्युदाता’ के बाद उन्हें बिग बी का टाइटल मिला.

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