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मुंबई: मीडिया से रूबरू होना एक अभिनेता के पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन का हिस्सा होता है। लेकिन महानायक अमिताभ बच्चन को मीडिया का सामना करना किसी कठिन काम जैसा लगता है। अमिताभ ने एक न्यूज चैनल के मेजबान से बातचीत करने के बाद लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के प्रति अपने विचार साझा किए। यह भी पढ़े:अजय देवगन 2016, 2017 की दीवाली पर करेंगे धमाका Also Read - Virat-Anushka के घर आई नन्ही परी तो Amitabh Bachchan ने क्रिकेट टीम से निकाला गजब का कनेक्शन, देखें Tweet

बिग बी ने अपने ब्लॉग ‘सरबच्चन डॉट टंबलर डॉट कॉम’ पर लिखा, “एक पूरा दिन पत्रकारों और मीडिया के साथ बीता। दिलचस्प बातें हुईं, लेकिन उनकी बातों से परेशान भी हुआ। मीडिया हमेशा जीतती है, पत्रकार हमेशा जीतते हैं, हम हार जाते हैं और अपनी सीटों पर बैठे रहने को मजबूर हो जाते हैं। हम इस कठिन परीक्षा के खत्म होने का इंतजार करते हैं ताकि हम फिर से खुल ताजी हवा में सांस ले सकें।”‘पीकू’ में बंगाली पिता की भूमिका के लिए सराहना बटोर रहे अमिताभ ने लेखकों/पत्रकारों का सामना करने का मंत्र भी दिया।

उन्होंने कहा, “तो मंत्र यह है कि आपको जो सज्जन या महिला मिली है उनके सामने जितना हो सके विनम्र रहिए और उम्मीद कीजिए कि आपके बारे में अपना कॉलम लिखते या आपको टीवी पर प्रस्तुत करते समय आप पर वह थोड़ी अनुकंपा कर दे।” ‘दीवार’, ‘शोले’, ‘डॉन’ और ‘ब्लैक’ जैसी फिल्मों के लिए मशहूर अमिताभ ने कहा कि साक्षात्कार देना एक अलग तरह का अनुभव होता है। उन्होंने कहा, “वे आपको पूरी तरह ध्वस्त कर देते हैं।”

उन्होंने ट्विटर पर भी लिखा, “एक पत्रकार का सामना करने के बाद आप कभी विजेता बनकर नहीं आते। अच्छी मुश्किलें मन को प्रसन्न करती हैं।”

 

अमिताभ इस समय अपनी अगली फिल्म ‘वजीर’ में व्यस्त हैं, जिसमें उनके साथ फरहान अख्तर भी हैं।