अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म ‘झुंड’ की रिलीज पर रोक लगाने के लिए एक कानूनी याचिका दाखिल की गई है, जिस पर 28 मई को सुनवाई होनी है. फिल्म का निर्देशन ‘सैराट’ के निर्देशक नागराज मंजुले ने किया है. यह मुकदमा हैदराबाद के स्वतंत्र फिल्म निर्माता नंदी चिन्नी कुमार द्वारा मियापुर, तेलंगाना में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश रंगा रेड्डी की अदालत में दायर किया गया है. उन्होंने फिल्म को लेकर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया है. Also Read - इन बॉलीवुड हस्तियों ने फादर्स डे पर अपने पिताओं को किया याद, शेयर किए इमोशनल नोट्स   

फिल्म ‘झुंड’ एनजीओ ‘स्लम सॉकर फाउंडेशन’ के संस्थापक और कोच विजय बरसे की कहानी पर आधारित है. विजय ने स्लम के बच्चों को फुटबॉल, या फुटबॉल खेलने के लिए प्रोत्साहित किया और बुरी आदतों का शिकार होने से बचाया. वह अखिलेश पॉल के कोच भी थे, जो एक बदनाम गैंगस्टर से फुटबॉल खिलाड़ी बना था. Also Read - अमिताभ बच्चन ने शेयर की 'जलसा' के बाहर फैन्स के साथ थ्रोबैक फोटो, कैप्शन में लिखी पिता की खास पंक्ति

Nagraj Manjule drops first look of Amitabh Bachchan starrer Jhund

Nagraj Manjule drops first look of Amitabh Bachchan starrer Jhund (Photo Courtesy: Instagram/@amitabhbachchan)

विजय बरसे के जीवन कहानी अखिलेश पॉल चित्रण बगैर पूरी नहीं हो सकती है, जो भारतीय कप्तान के रूप में स्लम फुटबॉल खेलते थे. नंदी चिन्नी कुमार का दावा है कि उन्होंने अखिलेश पॉल की कहानी के सारे कॉपीराइट खरीदे हैं. लेकिन कथित तौर पर अब उन्होंने उनसे कहा है कि उन्होंने उन्हें केवल एक वृत्तचित्र के लिए अधिकार बेचे हैं न कि एक फीचर फिल्म के लिए. इसके अलावा, कुमार का दावा है, ‘झुंड’ के निर्माताओं ने टेलीफोन पर उन्हें सूचित किया है कि उन्होंने खुद अखिलेश पॉल से उनकी कहानी के अधिकार खरीदे हैं, लेकिन लिखित में उनके साथ कुछ भी साझा नहीं किया गया है. Also Read - फ़िल्मी हस्तियों ने गलवान शहीदों को यूं दी श्रद्धांजलि, अक्षय से लेकर तापसी तक ने किया शहादत को सलाम

नंदी चिन्नी कुमार ने बताया, “मैंने अखिलेश पॉल का विशेष कॉपीराइट खरीदा है, जो एक डॉन और स्लम फुटबॉल खिलाड़ी है और भारतीय कप्तान के रूप में स्लम फुटबॉल खेलता है. वह अपने कोच विजय बरसे से प्रेरित था. अब, नागराज मंजुले जी एक फिल्म बना रहे हैं, जो कि विजय बरसे के वास्तविक जीवन की कहानी है. बरसे ने अपने जीवन पर एक फिल्म बनाने का अधिकार टी-सीरीज को बेच दिया है, जो फिल्म के निर्माता हैं. अखिलेश पॉल ने ‘मुझे कानूनी नोटिस’ में सूचित किया है कि उन्होंने अपने जीवन पर फिल्म बनाने के लिए नागराज मंजुले को अधिकार बेच दिए हैं, जो कि साफतौर पर अनुबंध के उल्लंघन के अलावा कुछ भी नहीं है. उन्होंने मुझे यह भी बताया कि उन्होंने मुझे अपने जीवन पर एक फीचर फिल्म बनाने के अधिकार कभी नहीं बेचे थे, बल्कि केवल एक वृत्तचित्र बनाने के लिए मुझे अधिकार बेचे थे.”

(इनपुट एजेंसी)