मुंबई: बिग बी ने शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु-शिष्य संस्कृति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह हमारी विविधतापूर्ण और असाधारण संस्कृति की सर्वाधिक प्राचीन परंपरा है। यह भी पढ़े:ऑनस्क्रीन मां सुलोचना लाटकर का 86वां जन्मदिन मनाने पहुंचे अमिताभ बच्चन Also Read - Chehre Releasing Date: सिनेमाघरों में इस दिन रिलीज होगी 'चेहरे', क्या Rhea Chakraborty हुईं फिल्म से बाहर?  

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अमिताभ (72) ने अपने ब्लॉग पर लिखा, “गुरु पूर्णिमा एक श्रद्धापूर्ण दिन है, जब हम हमारे गुरुओं को याद करते हैं, उन्हें श्रद्धा एवं सम्मान देते हैं और जिंदगी एवं जीवन के मार्गदर्शन के लिए उनसे आशीर्वाद लेते हैं। हमने हमारे विद्वान गुरुओं को चुना। हम उनकी प्रशंसा एवं आदर करते हैं और उन्हें पूजते हैं। वे हमें दिशा और वजह देते हैं। तालीम और मार्गदर्शन। सीख और जिंदगी।” Also Read - Amitabh Bachchan, Akshay Kumar ईंधन की बढ़ती कीमतों पर अब चुप क्यों हैं: कांग्रेस नेता नाना पटोले ने किया सवाल

उन्होंने लिखा, “वे जो कुछ भी हैं, सम्मान और प्रशंसा के साथ हैं। वे आधार हैं। वे ऊपर और हम चरणों में हैं ..गुरु-शिष्य।” अमिताभ ने आगे अपने पिता के इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेजी के प्रोफेसर से कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के पीएडी के छात्र बनने के सफर के बारे में लिखा।