मुंबई: मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने अपने दोस्त ऋषि कपूर के बारे में ब्लॉग पर भावुक नोट लिखा है. कपूर का गुरुवार को निधन हो गया. बिग बी ने कहा कि वह अस्पताल में दिवंगत दिग्गज स्टार से कभी नहीं मिले क्योंकि वह कपूर के मुस्कुराते चेहरे पर कभी दर्द नहीं देखना चाहते थे. मुस्कुराता हुआ करुण चेहरा. अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, “मैं जब भी राज जी के चेंबूर स्थित उनके घर देवनार कॉटेज गया, मैंने उन दुर्लभ क्षणों में उन्हें एक युवा ऊर्जावान, चुलबुले, अपनी आंखों में शरारत लिए चिंटू के रूप में देखा.” Also Read - ऋषि कपूर-इरफान खान पर शर्मनाक कमेंट करना कमाल राशिद खान को पड़ा भारी, FIR दर्ज

उन्होंने कहा, “मैं आर के स्टूडियो में उन्हें कई बार देखा, जब वो फिल्म ‘बॉबी’ के लिए अभिनेता के तौर पर प्रशिक्षित हो रहे थे. .. एक मेहनती उत्साही नौजवान, हर चीज को सीखने पर ध्यान देने के लिए तैयार.” अमिताभ ने साझा किया कि ऋषि के चलने का एक तरीका खास था जो “आश्वस्त और दृढ़” था. “एक खास स्टाइल जो उनके दादा, महान पृथ्वीराज जी के समान थी. एक चाल जो मैंने उनकी पिछली फिल्मों में से एक में देखी थी. वह चाल जिसे मैंने कभी किसी और में नहीं पाया …” Also Read - अमिताभ बच्चन ने 'जलसा' के बाहर साफ-सफाई करने वालों के लिए कही ये बड़ी बात, इस चीज को कर रहे हैं मिस

‘अमर अकबर एंथोनी’, ‘नसीब’, ‘कभी कभी’ और हाल ही में ‘102 नॉट आउट’ जैसी फिल्मों में ऋषि के साथ काम करने वाले अमिताभ ने अपने ब्लॉग में उनकी अभिनय शैली का भी वर्णन किया. “हमने एक साथ कई फिल्मों में काम किया .. जब वे अपनी पंक्तियां बोलते थे तो आप उनके हर शब्द पर भरोसा करते थे. उनका कभी कोई विकल्प नहीं था . उनकी सच्चाई सवाल से परे थी .. कभी कोई और बात नहीं हुई, गानों की उनकी तरह बेहतरीन लिप्सिंग कोई नहीं कर सकता.” Also Read - बिग बी को याद आए पुराने पल, जब दिवाली पर हाथ में फट गया था बम, हो गया था ये हाल

अमिताभ ने लिखा कि ऋषि का “सेट पर उनका चंचल रवैया कमाल का था.” उन्होंने कहा, “जब कभी शूटिंग के दौरान शॉट के बीच समय होता था, तो वह खेलने के लिए कार्डस निकाल लेते थे और दूसरों को खेलने के लिए बुलाते थे.” “मैं उन्हें मिलने अस्पताल में कभी नहीं गया.. मैं उसके मुस्कुराते हुए चेहरे पर कभी भी दर्द या संकट नहीं देखना चाहता था ..” बिग बी ने आखिर में लिखा, “लेकिन मैं निश्चित हूं . जब उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा होगा, वह एक सौम्य मुस्कान के साथ यहां से गए होंगे.”