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अमिताभ बच्चन के 75वें जन्मदिन पर ये हैं उनके 75 फेमस डायलॉग
जानिए अमिताभ बच्चन के सारे फेमस डायलॉग
आज महानायक अमिताभ बच्चन अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं. अपने अभिनय से लोगों के दिलों पर राज करनेवाले बिग बी का हर अंदाज फैंस को बेहद पसंद आता है. उनके इस खास जन्मदिन के मौके पर हम आपको पहले ही उनके टॉप 10 धमाकेदार डायलॉग दिखा चुके हैं. लेकिन ऐसा नहीं है कि ये 10 डायलॉग ही अमिताभ की पहचान है. अपने फ़िल्मी करियर में अमिताभ ने कई फिल्मों में दमदार डायलॉग दिए हैं.
सो ऐसे में अब हम महानायक इस 75वें जन्मदिन पर आपको उनके 75 डायलॉग बताने जा रहें हैं.
1: शहंशाह– रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप होते हैं, मगर नाम है शहंशाह.
2: लावारिश- अगर अपनी मां का दूध पिया है तो सामने आ.
3. जंजीर– जब तक बैठने के लिए ना कहा जाये, शराफत से खड़े रहो, ये पुलिस स्टेशन है तुम्हारे बाप का घर नहीं.
4. तीन पत्ती- पैसा क्या है, सिर्फ एक नंबर ना.

तस्वीर: फिल्म दीवार
5. दीवार– जाओ पहले उस आदमी का साइन लेकर आओ, जिसने मेरे बाप को चोर कहा था. जाओ, पहले उस आदमी का साइन लेकर आओ जिसने मेरी मां को गाली देकर नौकरी से निकाल दिया था. पहले उस आदमी का साइन लेकर आओ जिसने मेरे हाथ पर ये लिख दिया. उसके बाद… मेरे भाई तुम जहां कहोगे वहां साइन कर दूंगा.
6. त्रिशूल- सही बात को सही वक़्त पर किया जाए तो उसका मजा ही कुछ और होता है, और मैं सही वक़्त का इंतज़ार कर रहा हूं.
7. शोले- अंग्रेजों के ज़माने के जेलर, और इतनी घबराहट
8. शराबी– मूंछें हों तो नत्थूलाल जैसी हो वरना ना हो.
9. शराबी- गोवर्धन सेठ, समुंदर में तैरने वाले कुओं और तालाबों में डुबकी नहीं लगाया करते.
10. डिपार्टमेंट- मेरी हिस्ट्री जानता नहीं है तू, मेरे शरीर में हड्डी कम टांके ज्यादा हैं.
12. दीवार- सपने भी समुंदर की लहरों की तरह हकीकत की चट्टानों से टकराकर टूट जाते हैं.
13. डॉन – डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं ना मुमकिन है.
14. कभी-कभी- कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है, कि जिंदगी तेरी जुल्फों की नर्म छांव में गुजरने पाती तो शादाब हो भी सकती थी.
15. चुपके-चुपके- जिस तरह गोभी का फूल, फूल होकर फूल नहीं होता, वैसे ही गेंदे का फूल भी फूल होकर फूल नहीं होता.
16. त्रिशूल- आज आपके पास आप की सारी दौलत सही, सब कुछ सही, लेकिन मैंने आप से ज्यादा गरीब आज तक नहीं देखा, मिस्टर आर के गुप्ता.

17. शोले- हम भी तो रोज़ खतरों से खेलते है.
18. शोले- यू आर राईट मिस्टर आर के गुप्ता, ये कॉन्ट्रैक्ट मुझे ही मिलेगा. और हां, मेरे बनाए हुए कॉलोनी में आपको घर चाहिए तो तक़ल्लुफ़ मत कीजिएगा, मकान आप को मिल जाएगा.
19. अग्निपथ– पूरा नाम, विजय दीनानाथ चौहान, बाप का नाम दीनानाथ चौहान, मां का नाम, सुहासिनी चौहान, गांव मांडवा, उम्र छत्तीखस साल.
20. शोले- कल जो हुआ, वो दोबारा नहीं होगा.
21. शराबी- जिंदगी का तंबू तीन बम्बू पर खड़ा है.
22. सरकार- मुझे जो सही वो मैं करता हूं, फिर चाहे वो भगवान के खिलाफ हो, कानून के खिलाफ हो या पूरे सिस्टम के खिलाफ.
24. सरकार राज- अपनी शर्तो पर चलने वाले को कीमत चुकानी पड़ती है, मुझे जो सही लगता है वो मै करता हूं.
25. परंपरा, प्रतिष्टा, अनुशासन. ये इस गुरुकुल के तीन स्तंभ है. ये वो आदर्श है जिनसे हम आपका आनेवाला कल बनाते है.
26. मिस्टर नटवरलाल- अरे ये जीना भी कोई जीना है, लल्लु?
27. आखिरी रास्ता- वहां से तुम्हे वो यह 6 दिख रहा होगा. लेकिन यहां से मुझे ये 9 दिखता है.
28. हम- इस दुनिया में दो तरह का कीड़ा होता है. एक वो जो कचरे से उठता है और दूसरा वो जो पाप की गंदगी से उठता है.
29. शोले- घड़ी-घड़ी ड्रामा करता है साला.
30. कालिया- हम जहां खड़े होते हैं लाइन वहां से शुरू होती है.

(फाइल फोटो)
31. काला पत्थर- यह कोयले की खान एक अजगर है सेठ साहब, जो रोज़ अनगिनत लोगों को निगलकर, उसी पीसकर, जिस्म से खून का एक-एक कतरा चूस कर, एक लाश के रूप में उगल देता है.
32. नमक हराम- है किसी मां के लाल में हिम्मत, जो मेरे सामने आए?
33. मुकद्दर का सिकंदर- और वैसे ही मै इस को यहां नहीं मारूंगा, वरना लोग कहेंगे सिकंदर ने अपने इलाके में उसे मारा.
34.कालिया- आप ने जेल की दीवारों और जंजीरों का लोहा देखा है, जेलर साहब. कालिया की हिम्मत का फौलाद नहीं देखा.
35. कूली- बचपन से है सर पर अल्लाह का हाथ और अल्लाह राखा है मेरे साथ. बाजू पर है 740 का बिल्ला, 20 नंबर का बीडी पीता हूं, काम करता हूं कूली का और नाम है इकबाल.
36. लावारिश- अपणु वोह कुत्ते की दुम है, जो बारह बरस नल्ली के अंदर दाल के, नल्ली टेड़ी होती है अपुन सीधा नहीं होता.
37. नमक हलाल आई कैन टॉक इंग्लिश, आई कैन वॉक इंग्लिश, आई कैन लाफ इंग्लिश, बिकॉज इंग्लिश इज वेरी फन्नी लैंग्वेज.
38. शक्ति- नारंग साब, ये काम कोई भी इंसान अकेले कर सकता था. बशर्ते उसे भी यह पता होना चाहिए के वो इस दुनिया में अकेला आया है और अकेला ही जाएगा.
39.कालिया- कल्लू से कालिया का सफर शुरू.
40. सिलसिला- मैं और मेरी तन्हाई –अक्सर ये बातें करते हैं.

Sarkar 3
41. शोले- औरों को तो उन्होंने एक घंटे में सिखा दिया है.
42. सत्ते पर सत्ता- दारु पीने से लीवर खराब हो जाता है.
43. अग्निपथ – यह टेलीफोन भी अजीब चीज़ है. आदमी सोचता कुछ है बोलता कुछ और और करता कुछ है.
44. अग्निपथ- पगार बढाओ, पंद्रह सौ में रुपए में घर नहीं चलता, साला ईमान क्या चलेगा.
45. मेजर साहब- डोंट मेस विथ द आर्मी
46. सुर्यवंशम- सुर्यवंशम एक आग है जिसमे दोस्तों के लिए जितनी ज्योति है, दुश्मनों के लिए उतनी ही ज्वाला. भून डालो इस कम्बक्त को.
47. शोले- पार्टनर अब बोल ही दिए तो देख लेंगे.
48. अदालत – एक रहन ईर एक रहन बीर एक रहन पट्टे और रहन हम
49. अमर अकबर अंथोनी- एक फूल दो ना मां वहां इस माफक कोई कड़क अफसर मिल गया तो उसको हम यह फूल देके अपुन का बाप बना देंगा.

51. मोहब्बतें- इस इमारत की नीव इतनी मजबूत है की कोई राज आर्यन हाथों में वायलिन और चेहरे पर मुस्कान लिए उसकी एक भी ईंट हिलाने के लिए कदम नहीं रख सकता.
52. शक्ति – हमारे देश में काम ढूंढना भी एक काम है.
53. काला पत्थर- पेन इज माय डेस्टिनी एंड आई कैन नॉट अवॉयड.
54. अग्निपथ- एह कांचा, साला बंदूक भी दिखाता है और पीछे भी जाता है.
55. त्रिशूल- जिसने 25 साल से अपनी मां को थोडा- थोड़ा करके मरते हुए देखा है उसे मौत से क्या डर.
56. आनंद- आनंद मरा नहीं, आनंद मरते नहीं.
58. दीवार- पीटर तुम लोग मुझे वहां ढूंढ रहे थे और मैं तुम्हारा यहां इंतज़ार कर रहा हूं.
59. अमर अकबर अंथोनी – ऐसा तो आदमी लाइफ में दो बार ही भागता है. ओलिंपिक का रचे हो या पुलिस का केस हो. तुम किसलिए भागता है भाई.

60. शक्ति- बहुत कोशिश की अपने दिल से आपकी मोहब्बत निकाल दूं लेकिन मैं हमेशा आपसे प्यार करता रहा.
61. सत्ते पर सत्ता- चैन खुली की मैन खुली.
63. शक्ति- उफ्फ तुम्हारे उसूल, तुम्हारे आदर्श. किस काम के है तुम्हारे उसूल
64. याराना- कच्चा पापड़, पक्का पापड़
65. कभी कभी- बड़ी हिम्मत चाहिए, विजय साहब, बड़ा हौसला चाहिए इसके लिए. दाग दामन पे नहीं दिल पे लिया नहीं.
66. दीवार- मैं आज भी फेंके हुए पैसे नहीं उठता.
67. बुड्ढा होगा तेरा बाप- अबे बुड्ढा होगा तेरा बाप
68. शोले – क्या करूं मेरा दिल ही कुछ ऐसा है मौसी
69. शराबी – जिगर का दर्द उपर से नहीं मालूम होता है.
70. दीवार- आज मेरे पास बंगला है गाड़ी है बैंक बैलेंस है. क्या है तुम्हारे पास.

फोटो साभार: यूट्यूब
71. पिंक- हमारे यहां घड़ी की सुई करैक्टर डिसाइड करती है.
72. शमिताभ- मुझे पहले जीरो, बाद में भी जीरो..बस बीच में हीरो..क्योंकि की जीरो के पीछे हीरो होता है.
73. पिंक – ना शब्द, एक शब्द नहीं अपने आप में एक पूरा वाक्य है.
74. मोहब्बतें- परंपरा, प्रतिष्टा, अनुशासन. ये इस गुरुकुल के तीन स्तंभ है.
75. वजीर- खेल खेल में खेल के.. हर जीत से हार जीत के, जीत हारना सिखाएगा…खेल खेल में.
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