आज के दौर में बेहतरीन अभिनेता माने जाने वाले अनुपम खेर ने अपने जीवन के अनछुए पहलुओ के बारे में खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब उन्हें ऑडिशन देने के लिए घर से भागना पड़ा था और पैसे चुराने पड़े थे. अनुपम ने ‘अर्बन नक्सल्स’ किताब की लॉन्च के मौके पर अपने जीवन के संघर्षो के बारे में खुलासा किया.Also Read - Weather Alert: ओडिसा और आंध्र प्रदेश के कई शहरों में तबाही मचा सकता है Cyclone 'Jawad'

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उन्होंने कहा, “मैं घर से भाग गया, एक्टिंग क्लास के ऑडिशन के लिए मैंने मां के पर्स से 100 रुपये चुरा लिए. मैं पकड़ा गया और मुझे थप्पड़ खाने पड़े. मेरे माता-पिता सामान्य माता-पिता की तरह थे. छोटी-मोटी बातों के लिए भी मां मुझे पीट देती. पढ़ाई में मैं बहुत खराब था. स्कूल में मेरे 38 प्रतिशत से ज्यादा अंक कभी नहीं आए. खेलों में भी मैं अच्छा नहीं था. एक बार मेरे पीटी टीचर ने मुझे देखा और कहा कि अगर मैं अकेला भी दौड़ूं तो भी मैं दूसरे स्थान पर आऊंगा. मुझ में कुछ भी असाधारण नहीं था.” VIDEO:अनुपम खेर को मां ने लगाया कसकर गले, देखकर आंखों में आ जाएंगे आंसू Also Read - आज भी किराए के घर में रहते हैं अनुपम खेर, केवल मां के लिए खरीदा है आशियाना... लेकिन खानी पड़ी थी डांट

खैर, अनुपम का भले ही यह दावा हो कि उनमें कुछ भी असाधारण खूबी नहीं है, लेकिन वह जितने बेहतरीन अभिनेता और अच्छे इंसान है, यह उनकी किसी असाधारण खूबी से कम नहीं है.

अभिनेता अनुपम खेर का कहना है कि अवसाद को अभी भी वर्जित माना जाता है और वह अपनी एक छीटी सी कोशिश से इसमें बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं. अभिनेता ने यूट्यब पर एक वीडियो रिलीज किया है जिसमें वह अवसाद से निपटने और इस मुद्दे पर बात करने को शर्मिंदगी से न जोड़कर देखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं.

अनुपम ने कहा, “अवसाद के साथ अभी एक वर्जना जुड़ी है. लोग इस पर खुलकर बात करने से शर्माते हैं. यह केवल पीड़ित को नहीं उसके आसपास के लोगों को भी प्रभावित करता है.”

उन्होंने कहा, “मेरे पिता के गुजरने से एक दिन पहले उन्होंने मुझे भरपूर तरीके से जिंदगी जीने का संदेश दिया था, और मैं इसी संदेश का उपयोग इस वीडियो के माध्यम से लोगों के बीच उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए करूंगा.”

(इनपुट आईएनएस)