फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने अभिनेत्री पायल घोष द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों का सोमवार को एक बार फिर खंडन किया और कहा कि वह कानून का सहारा लेंगे.Also Read - Sacred Games 3 के बारे में झूठ और अनाप-शनाप लिखने वाले के खिलाफ़ एक्शन लेंगे अनुराग कश्यप, बोले- स्कैमस्टर की खैर..

कश्यप ने अपने वकील के जरिए एक वक्तव्य जारी कर यह भी कहा कि ‘मीटू’ जैसे महत्वपूर्ण आंदोलन को उन लोगों ने भी अपना लिया है जिनके अपने निजी स्वार्थ हैं और इस वजह से यह ‘‘चरित्र हनन’’ का उपकरण मात्र रह गया है. Also Read - अनुराग कश्यप की बेटी आलिया ने बर्थडे पर Alcohol का लिया लीगल घूंट, बोलीं- अब कोई रोक नहीं सकता

शनिवार को घोष ने ट्विटर पर दावा किया कि कश्यप ने उनका यौन उत्पीड़न किया था. Also Read - Rohini Court Blast Case: DRDO साइंटिस्‍ट धमाके के आरोप में अरेस्‍ट, वकील को मारने की थी योजना

कश्यप ने इस आरोप को निराधार बताया था और कहा था कि यह उन्हें चुप कराने के लिए किया जा रहा है.

गौरतलब है कि कश्यप की पूर्व पत्नियां आरती बजाज और कल्कि किचलिन उनके समर्थन में खड़ी हैं.

कश्यप की वकील प्रियंका खिमानी ने सोमवार को कहा, ‘‘मेरे मुवक्किल अनुराग कश्यप को अपने ऊपर लगे यौन शोषण के झूठे आरोपों से गहरा दुख पहुंचा है. ये आरोप पूरी तरह गलत और दुर्भावना से परिपूर्ण हैं.’’

घोष के आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए खिमानी ने कहा कि इससे ‘मीटू’ आंदोलन की साख को गहरा धक्का लगा है और कुछ बेशर्म लोग यौन शोषण के असली पीड़ितों के दुख पर अपना फायदा देखने में लगे हैं.

वक्तव्य में कहा गया, ‘‘मेरे मुवक्किल को उनके सभी अधिकारों और कानूनी प्रावधानों से अवगत करा दिया गया है तथा वह पूरी तरह से उनका उपयोग करेंगे.’’