बलरामपुर (उप्र). देश के हालात के बारे में मशहूर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) के हाल के बयान को लेकर दी जा रही तीखी प्रतिक्रियाओं के बीच अभिनेता आशुतोष राणा (Ashutosh Rana) ने शाह का बचाव किया है. राणा ने रविवार को कहा कि अपनी बात रखने पर किसी का ‘सामाजिक ट्रायल’ नहीं होना चाहिए. यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे राणा ने संवाददाताओं से कहा कि सभी लोगों को अपने मन की बात साझा करने का अधिकार है और स्वतंत्रता का मतलब भी यही होता है. देश में अगर कोई अपने मन की बात रखता है तो क्या उसका सामाजिक ट्रायल होना चाहिए? उन्होंने कहा कि घर या परिवार के सदस्य की तरफ से कोई प्रतिक्रिया आती है तो उस पर विचार होना चाहिए. मन की बात कहने पर इस तरह के विवाद खड़ा करने से क्या देश की अर्थव्यवस्था सुधर जाएगी या आमदनी बढ़ जाएगी.

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राणा ने कहा कि इस तरह के विवाद करने से क्या रोजगार बढ़ सकता है? इसलिए हम सबको किसी के मन की बात का सामाजिक ट्रायल नहीं करना चाहिए बल्कि उन बातों को गम्भीरता से सुनना चाहिए. गौरतलब है कि मशहूर अभिनेता नसीरूद्दीन शाह ने पिछले दिनों एक बयान में कहा था कि देश के हालात बहुत बुरे हैं और उन्हें इस पर गुस्सा आता है. उन्होंने कहा था कि हाल में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसा में साफ़ देखा गया कि आज देश में गाय की जान की कीमत एक पुलिस अफसर की जान से ज्यादा है. समाज में चारों तरफ जहर फैल चुका है और अब इसे से रोक पाना मुश्किल है.

नसीरुद्दीन शाह के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है. बॉलीवुड एक्टरों से लेकर देशभर के नेता और कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता शाह के बयान की आलोचना कर रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को नसीर के बयान के आलोक में कहा कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सहिष्णु देश है. वहीं एक अन्य केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी शाह के बयान को लेकर कहा कि अगर किसी को लगता है कि वह इस देश में सुरक्षित नहीं है तो यह असुरक्षित रहने की मानसिकता है.