भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरूवार को दिल्ली के एम्स में निधन हो गया. वह एम्स में बुधवार से लाइफ स्पोर्ट सिस्टम पर थे. जगजीत सिंह ने 2002 में ‘संवेदना’ एल्बम में अटल जी की कविताओं को गाया था. संवेदना की प्रस्तावना जावेद अख्तर ने लिखी थी, आवाज अमिताभ बच्चन ने दी थी, अभिनय शाहरुख खान का था, निर्देशन यश चोपड़ा ने किया था. बोल थे- Also Read - Eid Ul Fitr: कोरोना महामारी के बीच ईद-उल-फितर की नमाज, कहीं नियम मानें तो कहीं उड़ाई धज्जियां

Also Read - दिल्‍ली की ऑक्‍सीजन की जरूरत घटी, Deputy CM बोले- दूसरे राज्‍यों को दे सकते हैं सरप्‍लस

क्या खोया, Also Read - Centre vs Delhi Govt ON Vaccine: डिप्‍टी CM सिसोदिया बोले- दिल्‍ली में 100 वैक्‍सीनेशन सेंटर बंद करने पड़े

क्या पाया जग में

मिलते और बिछुड़ते मग में

मुझे किसी से नहीं शिकायत

यद्यपि छला

गया पग-पग में

एक दृष्टि बीती पर डालें,

यादों की पोटली टटोलें!

पृथ्वी लाखों वर्ष पुरानी

जीवन एक अनन्त कहानी

पर तन की अपनी सीमाएँ

यद्यपि सौ

शरदों की वाणी

इतना काफ़ी है अंतिम

दस्तक पर, खुद दरवाज़ा खोलें!

जन्म-मरण अविरत फेरा

जीवन बंजारों का डेरा

आज यहाँ, कल कहाँ कूच है

कौन जानता

किधर सवेरा

अंधियारा आकाश असीमित,

प्राणों के पंखों को तौलें!

अपने ही मन से कुछ बोलें!

जहां ‘मैं और वो’ की दीवार हटती हैं वहीं से शुरू होती हैं अटल जी की कविताएं. फिर वे शब्द सिर्फ अटल जी के ही नहीं बल्कि हर संवेदनशील इंसान के शब्द बन जाते हैं. यूं तो उनकी कविताओं का मुरीद हर कोई है जिसमें खुद गज़ल सम्राट जगजीत सिंह भी एक थे. उन्होंने 2002 में ‘संवेदना’ एल्बम में अटल जी की कविताओं को गाया था. बता दें, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है.

बॉलीवुड और मनोरंजन जगत की ताजा ख़बरें जानने के लिए जुड़े रहें  India.com के साथ.