फिल्म – अज़हर
जॉनर – रियल लाइफ बेस्ड स्पोर्ट्स ड्रामा
निर्माता -शोभा कपूर, एकता कपूर और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क
निर्देशक – टोनी डीसूजा
कलाकार- इमरान हाशमी, नरगिस फाखरी और प्राची देसाई, लारा दत्ता, करणवीर शर्मा, गौतम गुलाटी, मनजोत सिंह, कुनाल रॉय कपूर, राजेश शर्मा
म्यूजिक – अमाल मालिक-प्रीतम

ऐसी है फिल्म की कहानी-

अपनी काबिलियत के दम पर हैदराबाद का एक मिडल क्लास फॅमिली का लड़का मोहम्मद अजहरुद्दीन(इमरान हाशमी) टीम इंडिया का कप्तान बनता है और देश का नाम रौशन करता है। लेकिन अचानक अज़हर पर मैच फिक्सिंग के आरोप लगते है।

इसी प्लॉट के इर्द गिर्द अजहर की कहानी घुमती है। अज़हर की क्रिकेट लाइफ के साथ उनकी पर्सनल लाइफ को भी दिखाया गया है। अजहर की दोनों पत्नियां नौरीन (प्राची देसाई), एक्ट्रेस संगीता बिजलानी (नर्गिस फाखरी) की भूमिकाओं पर भी ज़ोर दिया गया है।यह भी पढ़ें: इमरान हाशमी के बार-बार किस करने की वजह से नर्गिस फाखरी को अधिक फीस चाहिए 

अजहर की कहानी टुकड़ों में दिखाई गई है। कभी बचपन तो कभी फिक्सिंग तो कभी नौरीन के साथ तो कभ संगीता के साथ की घटनाएं कुछ इस तरह से पेश किये गए हैं जिसे समझने के लिए फिल्म को पूरी एकाग्रता से देखना ज़रूरी बन जाता है।यह भी पढ़ें: विराट कोहली को डेट करना चाहती हैं प्राची देसाई

फिल्म के मुताबिक़ कुछ दृशों को नाटकीय मोड़ दिया गया है। अज़हर ने पूरे विश्वास के साथ 8 सालों तक कैसे लड़ी यह दिखाया गया है। अजहर के निर्माताओं ने पहले ही ज़ाहिर कर दिया था की फिल्म अज़हर की बायोपिक ना होकर उनकी जिंदगी की घटनाओं से प्रेरित है, उस नज़रिए से फ़िल्म उम्मीदों पर खरी उतरती नज़र आती है।

कपिल देव, मनोज प्रभाकर, रवि शास्त्री, नवजोत सिंह सिद्धू समेत कई क्रिकेटर्स के राज़ इस फिल्म में उजागर किये गए हैं। ड्रेसिंग रूम में होनेवाली राजनीति भी इस फिल्म के ज़रिए उजागर की गई है।

निर्देशन-

‘ब्लू’ और ‘बॉस’ फिल्म का निर्देशन कर चुके टोनी डिसूजा ने फिल्म का निर्देशन अच्छा किया है। लेकिन लगता है की वो इससे और ज़्यादा बेहतर कर सकते थे। भारत में क्रिकेट को मज़हब माना जाता है, इस चीज़ को वो और बेहतर तरीके से दिखा सकते थे। कुछ चीज़े उन्हों अच्छी निर्देशित की हैं। ख़ासकर लोकेशन और सिनेमेटोग्राफी काबिले तारीफ़ है।

अदाकारी-

फिल्म में इमरान हाशमी (अजहर), नरगिस फाखरी(संगीता बिजलानी) और प्राची देसाई(नौरीन), लारा दत्ता(मिस मीरा – लॉयर), करणवीर शर्मा (मनोज प्रभाकर ),गौतम गुलाटी(रवि शास्त्री), मनजोत सिंह(नवजोत सिंह सिद्धू), कुनाल रॉय कपूर(लॉयर), राजेश शर्मा (एम के शर्मा, बुकि)जैसे बेहतरीन कलाकारों ने काम किया है। सभीने अपने किरदार के साथ न्याय किया है।

प्राची अपने किरदार में सबसे अधिक फ़िट नज़र आती हैं। नर्गिस फाखरी ने ने संगीता दिखने की पूरी कोशिश की है। इमरान ने काफ़ी अच्छी अदाकारी की है लेकिन उनकी अपनी इमेज अपने किरदार पर हावी नज़र आती है।

म्यूजिक

अजहर को अमाल मालिक और प्रीतम ने संगीत दिया है।  ‘बोल दो ना जरा’, ‘इतनी सी बात है’ और  ‘ओए-ओए’ भी सुनने में अच्छे लगते हैं। फिल्म का बैक ग्राउंड स्कोर भी ठीक है।

फिल्म की अच्छी बातें

1 फिल्म की कहानी मुहम्मद अजहरुद्दीन की जिंदगी से प्रभावित है जिसे लोग देखना चाहेंगे।

2 भारत में क्रिकेट को मज़हब माना जाता है ऐसे में क्रिकेट इंसिडेंट पर बनी फिल्म का आकर्षण है।

3 फिल्म में ड्रामा और रोमांस को भी महत्व दिया गया है जिसे लोग पसंद कर सकते हैं।

 फिल्म की बुरी बातें-

1- फिल्म में अज़हर की कहानी को घुमा फिराकर दिखाया गया है। अतीत से प्रेजेंट और अतीत में ले जाया गया है जिसे समझाना थोड़ा मुश्किल नज़र आता है।

2- इस फिल्म से सभी को बेहद ज़्यादा उम्मीदें थीं लेकिन इसमें नाटकीयता काफ़ी भरी गई है।

3-कुछ सीन तो बेहद ज़्यादा बनावती लगते हैं जिसपर यकीन करना मुश्किल हो जाता है।

 फिल्म देखें या ना देखें-

टीम इंडिया के सफल कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन पर लगे आरोपों की सच्चाई जानने के लिए आप यह फिल्म देख सकते हैं। साथ ही इमरान हाशमी की अदाकारी के लिए आप यह फिल्म देख सकते हैं। यह फिल्म आपको एंटरटेन करती है और आखिर तक बांधे रखती है इसलिए एक बार देखना तो बनता है।

रेटिंग- ***