नई दिल्ली: आयुष्मान खुराना स्टारर कॉमेडी फिल्म ‘बधाई हो’ को रिलीज हुए दो साल पूरे हो गए हैं. अभिनेता का कहना है कि वह अपने सिनेमा के माध्यम से भारत में वर्जित विषयों पर बातचीत को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं. यह फिल्म एक ऐसी ही फिल्म है. अमित शर्मा निर्देशित इस फिल्म की प्रमुख कहानी नीना गुप्ता और गजराज राव द्वारा अभिनीत एक वयस्क जोड़े के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें एक्सीडेंटल गर्भावस्था का सामना करना पड़ता है. फिल्म में आयुष्मान ने उनके बेटे का किरदार निभाया है, जबकि सान्या मल्होत्रा ने अभिनेता की प्रेमिका की भूमिका निभाई है.Also Read - EXCLUSIVE: Ayushmann Khurrana ने नई फिल्म चंडीगढ़ करे आशिकी पर की चर्चा, किया अपना फेवरेट एक्टर रिवील | वीडियो देखें

आयुष्मान ने कहा, “मैं अपने सिनेमा के माध्यम से भारत में वर्जित विषयों पर बातचीत को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहा हूं. मेरी पहली फिल्म ‘विक्की डोनर’ से ही आप देखेंगे कि मैंने बदलाव की आवश्यकता के बारे में समाज के साथ क्रिएटिव तरीके से बातचीत करने की कोशिश की है.” उन्होंने आगे कहा, “मैंने ²ढ़ता से महसूस किया है कि सिनेमा के माध्यम से हम समाज को महत्वपूर्ण विषयों के प्रति अपने नजरिए को व्यापक करने के लिए कह सकते हैं, ऐसे विषयों के बारे में जिन पर बात ही नहीं की जाती है.” Also Read - Chandigarh Kare Aashiqui Box Office: आयुष्मान-वाणी की सरप्राइजिंग लव स्टोरी ने कमाए इतने करोड़, लगातार आ रहा है उछाल

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आयुष्मान खुश हैं कि भारत में उनकी फिल्मों को स्वीकार किया गया है. उन्होंने कहा, “हमारे देश के लोग शमीर्ले हैं, और इसमें सुंदरता है, लेकिन मैं इस बात से भी खुश हूं कि मेरे देश के लोगों ने सिनेमा की मेरी शैली को बहुत सराहा है.” आयुष्मान ने कहा कि ‘बधाई हो’ इस बात को उजागर करने का एक प्रयास है कि माता-पिता के बीच शारीरिक प्रेम को अस्वीकार नहीं किया जाना चाहिए.

आयुष्मान ने आगे कहा, “उनका प्यार इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि हमारा समाज गहरे मुद्दों को सामान्य करना चाहता है और एक कलाकार के रूप में मेरे लिए यह सबसे बड़ी मान्यता है. ‘बधाई हो’ के साथ मैंने अपने माता-पिता की यौन इच्छा को सामान्य करने की कोशिश की, और इसमें कुछ भी गलत नहीं है.” उन्होंने कहा कि बॉलीवुड के लिए इस तरह की कहानी दुर्लभ थी, लेकिन यह आवश्यक था.

इनपुट- एजेंसी