‘बाहुबली’ के लेखक मनोज मुंतशिर का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री एक बाजार है और हर बाजार के अपने नियम होते हैं. मुंतशिर मीडिया से बातचीत में कहा, “फिल्म इंडस्ट्री एक बाजार है और हर बाजार के अपने नियम होते हैं. पहली चीज-लाइमलाइट जो सबसे अधिक बिकने वाली वस्तुओं पर केंद्रित होती है.” उन्होंने कहा, “जब तक आपके शब्द बड़े टिकट कलाकारों, विदेशी लोकेशन्स, कई करोड़ों के बजट पर निर्भर होते हैं तब तक सम्मान और प्रशंसा को भूल जाएं.”

यह पूछे जाने पर कि गीतकार और संवाद लेखकों को बॉलीवुड में अपनी मेहनत के अनुरूप पैसा मिल रहा है या नहीं, उन्होंने कहा, “जब आपके शब्दों की पहचान होने लगती है तो आपको इन सब पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और लाइमलाइट अपने आप आपके पास आ जाती है.” अपकमिंग प्रोजेक्ट्स को लेकर उन्होंने कहा, “मुझे काम में डूबे रहना पसंद है. जब मैं नहीं लिख रहा होता हूं तो मुझे नहीं पता होता कि मैं अपने समय का क्या करूं?

उन्होंने कहा, ”जाहिर है, कई प्रोजेक्ट्स एक साथ चल रहे हैं – साइना नेहवाल की बायोपिक, ‘चीट इंडिया’, ‘बॉडी’ और ‘नोटबुक’ के गीतों के बोल लिख रहा हूं.” बता दें, फिल्म बाहुबली को बड़े पैमाने पर दर्शकों ने पसंद किया था. बारत के साथ-साथ इस फिल्म ने विदेश में भी काफी धूम मचाई और बॉलीवुड की छवि को मजबूत किया. इस फिल्म में प्रभास, राणा डुग्गुबाती और तमन्ना भाटिया लीड रोल में थे.