फिल्म- बैंक चोर
अवधि – दो घंटा 9 मिनट
निर्देशक – बम्पी
कास्ट- रितेश देशमुख, विवेक ओबेरॉय, रिया चक्रवर्ती, भुवन अरोड़ा, विक्रम थापा और साहिल वैद
रेटिंग- 2.5/5Also Read - Riteish Deshmukh का जिम ट्रेनर से हुआ 'पंगा', हार मानकर जोड़ लिए हाथ, बोले- मुझे जाने दो... VIDEO

मस्ती, ग्रैंड मस्ती और द ग्रेट ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में साथ मिलकर रितेश देशमुख और विवेक ओबेरॉय ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया है. हालांकि ये एडल्ट कॉमेडी फिल्में थी. जिसके कारण एक विशेष वर्ग का दर्शक ही इन फिल्मों का मजा सिनेमाघर ले सके थे. लेकिन इस बार रितेश और विवेक कॉमेडी के साथ थ्रिलर का मसाला भी लेकर आए है. तो क्या किस ‘बैंक चोर’ में आपका दिल चुरा लेने का दम है आइए जानते है कैसी है ये फिल्म. Also Read - Vivek Oberoi अभिनीत PM Modi की बायोपिक ओटीटी पर इस दिन होगी रिलीज, सामने आया Trailer- VIDEO

कहानी: चंपक (रितेश देशमुख), गेंदा (विक्रम थापा) और गुलाब (भुवन अरोड़ा) बैंक में चोरी करने के लिए मुंबई के एक बैंक पहुंचते है. लेकिन इन तीन नौसिखिया चोरों के चोरी की खबर पुलिस को लग जाती है. जिसके बाद मौके पर पुलिस और फिर सीबीआई भी पहुंच जाती है. अमजद खान (विवेक ओबेरॉय) सीबीआई इंस्पेक्टर है जिसे इस चोरी की खबर पहले से हैं. मौके पर पहुंचते ही अमजद खान मानो इस केस सॉल्व करने के बेहद करीब पहुंच जाता है. लेकिन सिंपल से दिखने वाली इस कहानी में अचानक से ऐसा ट्विस्ट है आता है कि चोर अब हीरो बन जाते है और फिल्म खत्म-खत्म होते तक दर्शक स्क्रीन पर ऐसी कहानी देखते है जिसे देखकर कोई भी दंग रह जाए. क्योंकि चोर पुलिस के साथ साथ मीडिया और मिनिस्टर तक इस केस से जुड़ जाते है. Also Read - Fardeen Khan 11 साल बाद इस फिल्म से कर रहे हैं वापसी, Riteish Deshmukh के साथ करेंगे 'विस्फोट'

Bank Chor Trailer

अभिनय: रितेश देशमुख और विवेक ओबेरॉय दोनों ही बेहद दमदार कलाकार और इन दोनों को एक साथ स्क्रीन पर देखना हमेशा ही मजेदार होता है. भोली-भाली सूरत वाले आम चोर के रूप में रितेश दिल को छूते है. लेकिन फिल्म के खत्म-खत्म होते इस आम चोर का जाबांज कारनामा आपको चौंका देता है. सीबीआई ऑफिसर के रोल में विवेक ओबेरॉय के रोब और दम को देखना लाजवाब है. रितेश के चोर पार्टनर बने भुवन अरोड़ा और विक्रम थापा ने जबरदस्त काम किया है. दोनों ने बहुत खूब दिल्ली की जुबां पकड़ी है. विक्रम एक जर्नलिस्ट से एक्टर बने है. लेकिन इस फिल्ड में वो नए है इस बात का अहसास उनकी एक्टिंग से कही नहीं होता. विलेन के रूप में साहिल वैद का दम देखने लायक है. रिया चक्रवर्ती ने भी अपने किरदार के साथ न्याय किया है.

निर्देशन: लव का द एंड से बॉलीवुड में बतौर निर्देशक कदम रखने वाले बम्पी ने किया है. इस फिल्म से बतौर डायरेक्टर उनके अंदर की काबिलियत साफ़ दिखाई देती है.

bank chor

म्यूजिक: फिल्म का म्यूजिक ठीक-ठाक है. जो कहानी किसी तरह से डिस्टर्ब नहीं करता.

क्यों देंखे: रितेश देशमुख और विवेक ओबेरॉय के अगर आप फैन नहीं है तो भी आप इस फिल्म को देख सकते है पहले हाफ में सीधी और सपाट चल रही कहानी में कॉमेडी का मसाला है. पहले हाफ में तीन जोकरों की इस तिकड़ी पर कभी आपको प्यार आएगा तो कभी आपको इनके जोक्स ना पसंद भी आए. ये तीनों अपने इलाके को लेकर काफी सीरियस हैं. इसलिए पूरी फिल्म में मुंबई और दिल्ली वालों के बीच की जबरदस्त जुबानी जंग दर्शकों को खूब गुदगुदाएगी. लेकिन इंटरवल के बाद सेकंड हाफ में फिल्म की कहानी में जबरदस्त ट्विस्ट आता है. जो आपको अपनी सीट से उठने का मौका नहीं देगा. फिल्म खत्म होते-होते इसका रोमांच और भी चरम पर पहुंच जाता है. कॉमेडी और थ्रिलर से भरी इस फिल्म की छोटी-मोटी गलतियों को इग्नोर कर दे तो ‘बैंक चोर’ एक पैसा वसूल फिल्म है. जिसमे आपका दिल चुरा लेने की काबिलियत भी है.