फिल्म- बेवॉच
अवधि – 1 घंटा 56 मिनट
निर्देशक – सेथ गोर्डन
कास्ट- ड्वेन जॉनसन,जैक एफरॉन, प्रियंका चोपड़ा, एलेक्जेंड्रा डाडारियो, इल्फेनेश हडेरा और कैली रोरबाक
रेटिंग- 2/5

पिछले कुछ समय हिंदुस्तान में हॉलीवुड फिल्मों को लेकर काफी उत्सुकता देखने को मिली. इसकी बड़ी वजह है प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण. क्योंकि बॉलीवुड की ये दोनों ही फेमस एक्ट्रेस हॉलीवुड की 2 बड़ी फिल्मों का हिस्सा बनी. दीपिका की फिल्म ‘ट्रिपल एक्स: रिटर्न ऑफ जेंडर केज’ कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी. ऐसे में अब प्रियंका चोपड़ा की फिल्म ‘बेवॉच’ भी रिलीज हो चुकी. हालांकि ये फ़िल्म अमेरिका में एक हफ्ते पहले 25 मई को ही रिलीज हो चुकी थी जहां फ़िल्म को कुछ खास रिव्यू नहीं मिले. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस फ़िल्म में भारतीय दर्शकों को खुश कर पाने का माद्दा है? चलिए जानते है कैसी है ये फिल्म?

कहानी: ड्वेन जॉनसन एमराल्ड बे पर तैनात लाइफगार्ड टीम का लीडर है. उनकी टीम में इल्फेनेश हडेरा और कैली रोरबाक पहले से मौजूद है. जिनकी जिम्मेदारी बीच पर आनेवाले सैलानियों के सुरक्षा की है. इसके बाद उनकी टीम में जैक एफरॉन और एलेक्जेंड्रा डाडारियो भी शामिल हो जाते है. इस बीच पर सब कुछ ठीक चलते रहता है लेकिन दिन ड्वेन को बीच पर एक ड्रग्स का पॉकेट मिलता है और फिर एक लाश जिससे वो हैरान रह जाता है. जिसके बाद एक बाद एक बीच पर कई ऐसे हादसे होते है जिससे लाइफगार्ड की ये टीम खुद ही इन्वेस्टीगेशन टीम बन जाती है. ड्वेन का शक हंटले क्लब की नई ओनर विक्टोरिया लीड्स (प्रियंका चोपड़ा) पर है जो शहर की सबसे पॉवरफुल हस्ती है. क्या ड्वेन प्रियंका का पर्दाफाश कर पाते है? और क्या इस काम में उनकी टीम उनका साथ देती है? यहीं है फिल्म की पूरी कहानी.

Baywatch

क्या देखे: 1990 के दशक की फेमस टीवी सीरीज पर बेस्ड फिल्म बेवॉच को डायरेक्ट किया है सेथ गोर्डन ने. इस फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें थी. लेकिन इसके उलट फिल्म से निराशा हाथ लगती हैं. विलेन के किरदार में प्रियंका चोपड़ा को देखना अच्छा लगता है. उन्होंने अपने किरदार के साथ काफी हद्द तक न्याय किया है. इसके अलावा फिल्म की खूबसूरती है बिच के खूबसूरत नजारों के संग ड्वेन जॉनसन के दमदार बॉडी. जिसकी पूरी फिल्म में खूब नुमाइश की गई है. स्क्रीन पर ये सब कुछ देखना काफी मजेदार लगता हैं. लाइफगार्ड के तौर पर कैली रोरबाक और एलेक्जेंड्रा डाडारियो भी अपनी दिलकश अदाओं से दर्शकों का ध्यान खींचती हैं.

फिल्म का कमजोर पक्ष: फिल्म की कहानी इसकी कमजोर कड़ी है. क्योंकि दर्शक आगे क्या होनेवाला है इसका अंदाज़ा आसानी से लगा लेते है. फिल्म एक्शन भी कुछ ख़ास नहीं हैं. ड्वेन जॉनसन जैसे एक्शन स्टार का फिल्म में सही इस्तेमाल नहीं किया गया है. फिल्म के हिंदी वर्जन में कई डायलॉग बड़े ही बेतुके और घिसे पिटे है जो सिर पकड़ने पर मजबूर कर देते हैं. जैसे कि समुंदर इतना खतरनाक है की तुम्हारी चड्ढी उत्तर जाएगी. तुमने जो गंध मचाई है उसे साफ करने जा रहा हूं और तेरी भैंस की टांग.

06 (1)

फिल्म के क्लाइमेक्स में एक डायलॉग आता है कि तुम्हारी कहानी बहुत घिसी पिटी है, बिलकुल फ्लॉप फिल्मो की तरह. समझ जाइए ये डायलॉग पूरी फिल्म का हाल बताने के लिए काफी है. नामी सितारों से सजी इस हॉलीवुड फिल्म में एंटरटेनमेंट का जरा भी डोस नहीं है. लेकिन प्रियंका चोपड़ा की शानदार अभिनय के कारण इस फिल्म को 2 स्टार मिलते है.