आदित्य चोपड़ा ने जब अपने करियर की चौथी फिल्म को डायरेक्ट करने की घोषणा की तो बॉलीवुड फैन्स काफी खुश हुए। आदित्य ने बतौर डायरेक्ट तब तक सिर्फ तीन फिल्मों को बनाया था, ‘दिलवाले दुल्हनियां ले जायेंगे’, ‘मोहब्बतें’ और ‘रब ने बना दी जोड़ी’। आदित्य चोपड़ा की तीनो फिल्में सुपरहिट रहीं और इसीलिए लोग उनकी अगली फिल्म ‘बेफिक्रे’ से ढेरों उम्मीद लगा बैठे थे। 8 साल बाद आदित्य चोपड़ा की मच अवेटेड ‘बेफिक्रे’ रिलीज़ हुई। फिल्म में रणवीर सिंह और वाणी कपूर मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का बज़ तो लोगों में खूब है लेकिन क्या ये फिल्म लोगों के उम्मीद पर खरी उतर पायी है?

फिल्म शुरू होती है धरम (रणवीर सिंह) से एक स्टैंड अप कॉमेडियन है। वो दिल्ली से पेरिस आता है अपने काम के सिलसिले में। पहले दिन ही उसकी मुलाकात शायरा (वाणी कपूर) से होती है जिसके माता पिता हिन्दुस्तानी हैं लेकिन वो खुद को फ्रेंच समझती है। वो और धरम पहले दिन ही पार्टी करते हैं और एक साथ रात बिताते हैं। धरम, शायरा को अगले दिन डेट के लिए पूछता है और दोनों का देयर गेम वहीँ से शुरू होता है। दोनों एक दुसरे को बार-बार डेयर करते हैं और मस्ती भरी ज़िन्दगी जीते हैं। कुछ दिन बाद शायरा और धरम लिव-इन में रहने लगते हैं। दोनों तय करते हैं की वो दोनों एक दुसरे को कभी आई लव यु नहीं कहेंगे। दोनों के बीच नोक झोक शुरू होती है और एक साल रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों का ब्रेक अप हो जाता है। दोनों अलग हो जाते हैं लेकिन दोस्त बने रहते हैं। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब दोनों किसी और से शादी करने का प्लान बना लेते हैं। यह भी पढ़ें: बेफिक्रे ट्रेलर: रणवीर सिंह और वाणी कपूर की सिजलिंग केमिस्ट्री देखकर आपका भी टेम्परेचर बढ़ जायेगा

जैसा की हमने पहले भी कहा की आदित्य चोपड़ा की फिल्म है तो यक़ीनन फिल्म से उम्मीद बढ़ जाती है लेकिन मुझे ये अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है की हम सबकी उम्मीद पर पानी फिर गया है। मुझे ये समझ में नहीं आ रहा की आखिर इस फिल्म को लिखते वक़्त और बनाते वक़्त आदित्य चोपड़ा सोच क्या रहे थे?। फिल्म की कहानी बेहद घिसी पिटी और बोरिंग है। इस तरह की कहानी हम पहले भी कई बॉलीवुड फिल्मों में देख चुके हैं। एक लड़का और एक लड़की एक दुसरे के साथ टाइमपास करते हैं या दोस्त होते हैं लेकिन उन्हें इस बात का एहसास फिल्म के अंत में होता है की दोनों एक दुसरे से प्यार करते हैं। ये फिल्म बॉलीवुड फिल्म ‘जाने तू या जाने ना’, ‘लव आज कल’ और हॉलीवुड फिल्म ‘नो स्ट्रिंग्स अटैच्ड’ की मिश्रण लग रहा है।

खैर, फिल्म की कहानी बकवास तो है ही लेकिन डायरेक्शन अगर अच्छा होता तो शायद फिल्म बच जाती लेकिन अफ़सोस आदित्य चोपड़ा यहाँ भी फेल हो गए। वो शायद अभी भी ‘दिलवाले दुल्हनियां ले जायेंगे’ के हैंगओवर में हैं क्योंकि फिल्म में उन्होंने कुछ ऐसे सीन्स डाले हैं जो आपको उनकी पहली फिल्म की याद दिलादेगा। आदित्य ने उन सीन्स को बस कुछ मॉडर्न टच दिए हैं। फिल्म का पहला हिस्सा कब खत्म हो जाता है पता ही नहीं चलता। फर्स्ट हाफ में देखने के लिए कुछ भी नहीं है। सेकंड हाफ ठीक ठाक है जहाँ थोडा ड्रामा देखने मिलता है। यह भी पढ़ें: OMG! 1 या 2 बार नहीं बल्कि पूरे 2 दर्ज़न बार रणवीर सिंह और वाणी कपूर ने एक दुसरे को किया kiss

रणवीर सिंह जिनकी पिछली फिल्में लोगों का दिल जीत चुकी हैं उनसे ऐसी फिल्म की उम्मीद नहीं थी। ये बात मेरे समझ में नहीं आ रही की उन्होंने फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ कर हाँ कैसे कह दी। उनकी एक्टिंग अच्छी है लेकिन इससे फिल्म नहीं बच पाएगी। दूसरी तरफ वाणी कपूर हैं जिनकी ये दूसरी बॉलीवुड फिल्म है। उनकी पहली फिल्म में वो जितनी ज्यादा खूबसूरत लगी थीं वहीँ इस फिल्म में उतनी ही अजीब लग रहीं हैं। वो अपनी उम्र से काफी बड़ी लग रहीं हैं और चेहरे में कोई चार्म नहीं लग रहा। एक्टिंग भी ठीक-ठाक ही है।

फिल्म के म्यूजिक में भी कोई दम नहीं है। बिना वजह कुछ गानों को फिल्म में घुसाया गया है।

कूल मिलाकर हम यही कहेंगे की इस फिल्म को देखना पैसों की बर्बादी के अलावा कुछ भी नहीं है।

रेटिंग: * * (सिर्फ लोकेशन और रणवीर सिंह के लिए)