नई दिल्ली. भोजपुरी संगीत की जब भी चर्चा होती है तो एक नाम बरबस आपकी जुबान पर आ जाएगा… और वह है भरत शर्मा व्यास (Bharat SharmaVyas) का. भोजपुरी में गायन और खासकर निर्गुण गायकी से इस भाषा की मिठास को देश-विदेश तक पहुंचाने वाले भरत शर्मा का एक ताजा गीत आजकल यूट्यूब पर धमाल मचा रहा है. भरत शर्मा व्यास की आवाज और उन्हीं के संगीत में सजा गाना ‘हमके साड़ी चाही’ इतना सुमधुर और बेजोड़ है कि आप एक बार सुनने के बाद इसे बार-बार सुनना चाहेंगे. पति के वियोग में तड़पती पत्नी, त्योहार पर अपने पति के आने का इंतजार करने वाली पत्नी के दर्द को भरत शर्मा व्यास की आवाज, जैसे आपके सामने उतार कर रख देती है. इस गाने के बोल इतने खूबसूरत हैं कि आपको भोजपुरी गानों से जुड़ा अश्लीलता, फूहड़पन, भौंडापन जैसा टैग, कभी याद ही नहीं आएगा. देखिए यह वीडियो. Also Read - भोजपुरी संगीत तक पहुंचा पेट्रोल-डीजल का भाव, दाम कम करने को PM मोदी से लगाई गुहार

टेप-रिकॉर्डर वाले युग के गायक

भोजपुरी संगीत का जिक्र, इस भाषा-साहित्य के पितामह माने जाने वाले भिखारी ठाकुर के समय से ही रहा है. बाद के दिनों में भरत शर्मा व्यास ही एकमात्र ऐसे गायक के तौर पर उभरकर सामने आए, जिन्होंने इस भाषा की मधुरता को जन-जन तक सुर-ताल की जबान में पहुंचाया. आज जब भोजपुरी संगीत को शोर, हुल्लड़, द्विअर्थी बोल, बेमतलब की तुकबंदियों तक ही सीमित कर के देखा जाने लगा है, ऐसे समय में भी भरत शर्मा व्यास जैसे गायक इस संगीत की मधुरता को जिंदा रखे हुए हैं. पिछले कुछ वर्षों से भोजपुरी गाने सुन रहे श्रोताओं और दर्शकों के लिए यह जानना सच में बहुत रोचक है कि भरत शर्मा व्यास, टेप-रिकॉर्डर वाले युग के गायक हैं. जी हां, तब यूट्यूब का चलन नहीं था. सार्वजनिक समारोहों में ही भरत शर्मा व्यास जैसे लोगों को सुनने का मौका मिल पाता था. बाद में उनके रिकॉर्ड किए हुए गाने टेप-रिकॉर्डर पर सुने जाते थे. इसलिए आज जब यूट्यूब पर एक्टिव ‘हमार भोजपुरी’ चैनल ने भोजपुरी संगीत सम्राट भरत शर्मा व्यास का गाना ‘हमके साड़ी चाही’ अपलोड किया है तो लोगों को भोजपुरी भाषा की इसी मिठास की याद हो आई है.

भरत शर्मा व्यास की आवाज में एक और गीत आपको याद होगा, ‘गोरिया चांद के अंजोरिया…’. इसका भी आनंद उठाएं.

गाने के बोल और संगीत, दोनों बेजोड़

भरत शर्मा व्यास की आवाज में रिकॉर्ड किया गया गाना ‘हमके साड़ी चाही’ न सिर्फ सुनने में आपको आनंद देगा, बल्कि इस गीत के बोल के भी आप मुरीद हो जाएंगे. गाने को चूंकि संगीत से सजाया भी भरत शर्मा व्यास ने ही है, इसलिए गायक और संगीतकार की आपसी ‘केमिस्ट्री’ के एकमेव भाव को भी आप अनुभव कर पाएंगे. दरअसल, यही भोजपुरी संगीत की वास्तविक छवि है, जिसे भरत शर्मा व्यास के गानों या भिखारी ठाकुर के लिखे गीतों को गुनगुनाते हुए हमारा-आपका समाज विकसित हुआ है. भरत शर्मा के गाने ‘हमके साड़ी चाही’ को सुनने के बाद यह बात दावे के साथ कही जा सकती है कि अश्लीलता या फूहड़पन से इस संगीत को खराब करने वाले फिल्मकार, संगीतकार या दोयम दर्जे के गायकों ने अभी तक इस भाषा की अहमियत समझी ही नहीं है.

भोजपुरी फिल्मों और गानों से जुड़ी और खबरों के लिए पढ़ते रहें India.com