बिहार के मुंगेर के रहने वाले राजन कुमार 9 नवंबर को बॉक्स ऑफिल में धू मचाने के लिए तैयार हैं. मुंगेर के एक छोटे से नक्सल प्रभावित गांव में पले-बढ़े और ‘चार्ली चैपलिन-2’ के नाम से चर्चित राजन कुमार का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है. उन्होंने कहा कि इस फिल्म की अभिनेत्री कलिता हैं, जो रेशमी नाम की पत्रकार की भूमिका में हैं. वह ‘नमस्ते बिहार’ अखबार की क्राइम रिपोर्टर हैं.


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इस फिल्म की अधिकांश शूटिंग नालंदा, राजगीर, मुंगेर और पटना सहित बिहार के कई स्थानों में की गई है. उन्होंने कहा कि इस फिल्म के द्वारा बिहार पर्यटन को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है. उन्होंने कहा कि इस फिल्म यूनिट में शामिल दूसरे राज्यों के लोगों का यहां 30 दिनों तक शूटिंग करने के बाद बिहार के प्रति नजरिया ही बदल गया.


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I hope ur fine. .

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पिछले महीने मिले शूरवीर पुरस्कार से संबंधित प्रश्न पर राजन कहते हैं, “आगरा के होटल मुगल शेरेटन में चार्ली चैपलिन का एक शो कर रहा था, तभी मुझे अनुष्का अरोड़ा नाम की एक बच्ची स्वीमिंग पूल में गिरते हुए दिखी. चार्ली के ड्रेस में ही मैंने छलांग लगा दी. मैंने बच्ची को 12 फीट पानी के अंदर से निकाला और उसकी जान बचाई. आज ये लड़की दिल्ली में वकील हैं.” इस पुरस्कार का चयन खुले मतदान यानी ऑनलाइन वोटिंग के जरिए किया जाता है. सरबजीत की बहन दलबीर कौर जैसी कई हस्तियों को अब तक शूरवीर पुरस्कार से नवाजा जा चुका है.


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Thanks. ..

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राजन एक कलाकार ही नहीं, साहित्यकार भी हैं और वह स्वयं को बेहतर सोच रखने वाला कवि मानते हैं. उन्होंने कहा, “मुझे कविताओं से और साहित्य से प्रारंभ से ही गहरा लगाव रहा है. मैं एक बेहतर सोच रखने वाला कवि हूं. बच्चों के लिए लिखी गई मेरी कविताओं की एक पुस्तक ‘हंसता बचपन’ काफी चर्चित रही है. इस पुस्तक के लिए मुझे डॉ. राम प्रसाद सिंह साहित्य पुरस्कार-2018 से भी नवाजा गया है.”


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WELCOME. .

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वर्ष 1998 में राजन की पुस्तक ‘अंकुर’ भी प्रकाशित हो चुकी है. जल्द ही उनकी अगली पुस्तक ‘एक कलाकार का देश प्रेम’ प्रकाशित होने वाली है. लेखक से अभिनेता बनने वाले राजन कहते हैं, “कलाकार लेखक के ही चरित्रों को जीते हैं. लेखक ही चरित्रों में जान भरता है. जब लेखक कलाकार बन जाए तो चरित्र ही जीवंत हो उठता है. लेखक और कलाकार एक-दूसरे के पूरक हैं.”