कलाकार– अभिषेक बच्चन , चित्रांगदा सिंह , टीना देसाई , परन बंदोपाध्याय और पवबित्रा राहा
लेखक– सुजॉय घोष और राज वसंत
निर्देशक– दीया अन्नपूर्णा घोष
निर्माता– गौरी खान , सुजॉय घोष और गौरव वर्मा
ओटीटी– जी5Also Read - Sapna Choudhary ने की गुस्से से आंखें लाल, फिर कड़कती आवाज़ में बोलीं- फायर है मैं...Video Viral

Bob Biswas Movie Review: फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) भले ही ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए नहीं जाने जाते हैं मगर उनके कुछ किरदार लोगों के ज़हन में ज़रूर बैठ जाते हैं. अपने अभिनय से खुद को हर बार चैलेंज करने वाले अभिषेक बच्चन की हाल ही में फिल्म आई है बॉब बिस्वास (Bob Biswas). इस फिल्म को लेकर वो इन दिनों सुर्ख़ियों में भी हैं. लोग इस फिल्म को लेकर खूब चर्चा भी कर रहे हैं. जी हां, डिजिटल हो रही दुनिया में आए दिन कई फिल्में और सीरीज ओटीटी पर रिलीज होती हैं मगर हर किसी पर चर्चाएं नहीं होती हैं. यह फिल्म बतौर अभिनेता अभिषेक बच्चन के लिए भी खास थी और बतौर दर्शक आपके लिए भी दिलचस्प हो सकती है. अभिषेक ने अपने अब तक के करियर में किरदार को लेकर कई एक्सपेरिमेंट किए हैं और यह फिल्म भी उसी फेहरिस्त में शामिल है. Also Read - ऋषभ पंत को लेकर उर्वशी रौतेला ने दिया मजेदार जवाब, बोलीं- मैं तो बस...पैंट, मच गया शोर

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अब आते हैं फिल्म पर. सुजॉय घोष की साल 2012 में आई फिल्म ‘कहानी’ खूब हिट हुई थी. इस फिल्म के प्लॉट की तारीफ हुई थी और इसी फिल्म के एक किरदार ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा था और वो किरदार था बॉब बॉब बिस्वास. विद्या बालन की ‘कहानी’ फिल्म में जो बॉब बिस्वास था वही अब आपको अगले सफर पर ले जाएगा. पिछली फिल्म में इस किरदार को बंगाली फिल्मों के ऐक्टर शाश्वत चटर्जी ने निभाया था. बॉब बिस्वास के रूप में अभिषेक बच्चन की इस फिल्म की कहानी शुरू होती है हॉस्पिटल से जहां वो एक्सीडेंट के बाद 8 साल कोमा में रहकर अपनी याददाश्त गंवा चुके हैं.

भूत और भविष्य की इस दिमागी लड़ाई में अभिषेक बच्चन बेहद परेशान होते हैं. उनकी पत्नी मेरी के रोल में हैं चित्रांगदा सिंह, एक बेटा और एक सौतेली किशोर बेटी. बॉब को अपने पास्ट का कुछ भी याद नहीं है मगर उसे अचानक ये याद दिलाया जाता है कि वो एक साइलेंट किलर रह चुका है. इसी कश्मकश में उलझा बॉब अब उसी रास्ते पर चलने लगता है जहां वो चलना नहीं चाहता. बॉब सुधरना चाहता है. दुनिया उसे सुधरने नहीं देती. गलती अब उसकी कहां हैं? इस लड़ाई में बॉब अपनी पत्नी मैरी और बच्चे को भी खो देता है. इसके बाद शुरू होती है बदले की कहानी और इस कहानी में आपको देखने को मिलेगा बॉब का असली चेहरा.

बतौर अभिनेता अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) ने इस फिल्म में कमाल कर दिया है. उनके अभिनय और उनके किरदार की हर परत को पसंद किया जाएगा. अभिषेक ने अपने लुक को भी संजीदा तरीके से कैरी किया है. बॉब की पत्नी मैरी का किरदार निभाने वाली चित्रांगदा सिंह का स्क्रीन प्रजेंस भले ही कम है मगर उनकी मौजूदगी आंखों में ठहरती है. फिल्म में चित्रांगदा सिंह ने भी अच्छी एक्टिंग की है. इस फिल्म में सहायक कलाकारों ने भी कमाल का काम किया है. कहानी तो सुजॉय घोष की है मगर इस बार फिल्म का डायरेक्शन उनकी बेटी दीया अन्नपूर्णा घोष ने किया है. कई लोगों का मानना है कि इस फिल्म में कुछ गलतियां भी हुई हैं जैसे कुछ सीन्स को देखकर यह पता लग जाता है कि आगे क्या होने वाला है. हालांकि इसके अलावा फिल्म आपको एंटरटेन करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी.