Akshay Kumar On Ram Mandir: बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार आज अपनी 20वीं सालगिरह मना रहे हैं और साथ ही एक्टर ने आज अपने सोशल मीडिया पर एक खास संदेश दिया है इसमें एक्टर ने राम मंदिर को लेकर एक खास अपील की है. दरअसल राम मंिदर का निर्माण शुरु हो चुका है और इसी को लेकर अक्षय ने खास अपील की है. Also Read - Tadap First Look: सुनील शेट्टी के बेटे अहान का डेब्यू, तारा सुतारिया के जलवे, 'यह प्यार की तड़प, अब अंजाम तक ले जाएगी'

आज अक्षय ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके कहा, ‘बहुत खुशी की बात है कि अयोध्या में हमारे श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है. अब योगदान की बारी हमारी है. मैंने शुरुआत कर दी है, उम्मीद है आप भी साथ जुड़ेंगे. जय सियाराम.’ वहीं, अपने वीडियो मैसेज में अक्षय कुमार ने एक किस्से का जिक्र किया है, जिसमें वो अपनी बेटी को रामसेतू निर्माण के दौरान की एक कहानी सुना रहे हैं. इस कहानी को सुनकर आपको भी बहुत आनंद आएगा. Also Read - Bollywood Top Movies Released in 2021: सिनेमाघरों में फिर गूंजेंगी तालियां, इस साल रिलीज़ होंगी बड़ी फिल्में

अक्षय कुमार ट्विटर पर जो वीडियो शेयर किया है, उसमें वो कहते हैं, “कल रात मैं अपनी बेटी को एक कहानी सुना रहा था. आप सुनेंगे? एक तरफ वानरों की सेना थी और दूसरी तरफ थी लंका और दोनों के बीच में महासागर. वानर सेना बड़े बड़े पत्थर को उठाकर समंदर में डाल रही थी. रामसेतु का निर्माण कर सीता मय्या को वापस जो लाना था. प्रभु श्री राम किनारे पर खड़े सब कुछ देख रहे थे. तभी उनकी नज़र पड़ी एक गिलहरी पर.” Also Read - Kriti Sanon First Look From Bachchan Pandey: फिल्म 'बच्चन पांडे' से कृति सेनन का पोस्टर रिलीज, होगा धमाका

अक्षय ने आगे कहा, “गिलहरी पानी में जाती फिर किनारे पर आती, रेत में लोट जाती थी, फिर रामसेतु के पत्थरों की ओर भागती. फिर से पानी में जाती, फिर रेत पर, फिर पत्थरों पर. राम जी को अश्यचर्य हुआ कि ये हो क्या रहा है. वो गिलहरी के पास गए और उससे पूछा कि तुम कर क्या रही हो. गिलहरी ने जवाब दिया. मैं अपने शरीर को गीला करती हूं. उस पर रेत लपेटती हूं और पत्थरों के बीच में जो दरारें हैं उसे भर रही हूं. रामसेतु के निर्माण में मैं भी अपना छोटा सा योगदान दे रही हूं.”

अक्षय ने अपने मैसेज में आगे कहा, ‘आज बारी हमारी है. अयोध्‍या में हमारे श्रीराम के भव्‍य मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है. हम में से कुछ वानर बनें, कुछ गिलहरियां बनें और अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देकर ऐतिहासिक भव्‍य राम मंदिर बनाने में साझेदार बनें. मैं खुद इसकी शुरुआत करता हूं, मुझे विश्‍वास है कि आप भी मेरे साथ जुड़ेंगे ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस भव्‍य मंदिर से मर्यादा पुरुषोत्‍तम राम के जीवन और संदेश पर चलने की प्रेरणा मिलती रहे. जय श्री राम’