Bollywood Update: बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) आज फिल्मी दुनिया के बड़े सितारों में शामिल हैं. देश-दुनिया में उनके प्रशंसकों की संख्या करोड़ों में है. वेब सीरीज द फैमिली मैन (The Family Man) में दमदार अभियन से उन्होंने एक बार फिर अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है. इस बीच मनोज बाजपेयी ने डीएनए (DNA) को दिए एक साक्षात्कार में कई मुद्दों पर अपनी राय दी. Also Read - मेकअप की वजह से हैंडसम दिखते हैं बॉलीवुड के ये 5 हीरो, नंबर 3 को देखकर सिर चकरा जाएगा

इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि परिवार या काम दोनों में उनके लिए क्या पहले आता है? उन्होंने तुरंत जवाब दिया- परिवार पहले आता है. मुझे पहले अपने परिवार की सभी उम्मीदों और जरूरतों को पूरा करना होता है. उसके बाद ही मैं घर से बाहर निकल सकता हूं. मेरे लिए मेरे परिवार की खुशी ही सबसे पहले है. इसके बाद ही आप काम कर सकते हैं. Also Read - Aashram के 'बाबा निराला' की पत्नी हुस्न से गिराती हैं बिजलियां, पिता ने लिख दी थी इतने करोड़ की जायदाद- Photos

परिवार के प्रति बाजपेयी की परवाह से पता चलता है कि वो अपनी पत्नी नेहा (Neha) और बेटी अवा नायला (Ava Nayla) से कितना प्यार करते हैं. मगर क्या आपको मालूम है कि मनोज बाजपेयी की पत्नी भी एक एक्ट्रेस हैं और उनका असली नाम शबाना रजा (Shabana Raza) है. हालांकि फिल्मी स्क्रीन पर वो नेहा के नाम से पहचानी गईं. Also Read - The Family Man 2 के विवाद पर Manoj Bajpayee का बयान, बोले- हम कभी ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे...

उन्होंने साल 1998 में बॉली देओल अभिनीत फिल्म ‘करीब’ से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की. बाद में ऋतिक रोशन स्टारर ‘फिजा’, अजय देवगन की ‘होगी प्यार की जीत’ में भी एक्टिंग की. मगर स्क्रीन पर उन्हें अपना नाम बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा.

नाम बदलने के संबंध में उन्होंने साल 2008 में Rediff.com से बात की थी. उन्होंने बताया कि कैसे बॉलीवुड में कदम रखने से पहले उन्हें अपना बदलकर नेहा रखने के लिए ‘मजबूर’ होना पड़ा था.

उन्होंने बताया- मैं कभी नेहा नहीं थी. मैं हमेशा से शबाना थी. मगर मुझे अपना नाम बदलने के लिए मजबूर किया गया. मैं इसके लिए बिल्कुल भी सहज नहीं थी. माता-पिता ने गर्व से मेरा नाम शबाना रखा था. नाम बदलने की मुझे कोई जरूरत नहीं थी, मगर किसी ने मेरी नहीं सुनी.

करीब फिल्म में नाम आने के बाद वो अपने मूल नाम पर वापस क्यों नहीं गई? शबाना कहती हैं- ये दुखद है. जब मैं अपने पहले वाले नाम पर वापस जाना चाहती थी तो कोई सुनने को तैयार नहीं था. मगर संजय और अलीबाग की पूरी टीम के साथ करना मेरे जीवन का सबसे अच्छा अनुभव रहा है. मैंने संजय से कहा कि मैं अपने असली नाम के साथ स्क्रीन पर आना चाहती हूं. वो उससे सहमत थे. मैंने अपनी पहचान खो दी थी और अब ये मुझे वापस मिल गई.