बॉलीवुड एक्टर सौरभ शुक्ला का कहना है कि वह एक असंतुष्ट अभिनेता और सुस्त किस्म के लेखक हैं. सौरभ ने नौवें जागरण फिल्मोत्सव के दूसरे दिन के सत्र के दौरान कहा, “मैं एक असंतुष्ट अभिनेता हूं, लेकिन सुस्त किस्म का लेखक हूं. इसलिए यह प्रक्रिया मेरे लिए थोड़ी मुश्किल है.” Also Read - संजय दत्त ने कैंसर को दी मात, ईश्वर का ये स्ट्रांग सोल्जर आखिरकार जीत गया

उन्होंने कहा, “मैं लिखने के मामले में थोड़ा संकोची हूं..और शुरू में मैं ‘सत्या’ में काम करने से मना करने वाला था, लेकिन कल्लू मामा के किरदार को लेकर आश्वस्त होने के बाद मैंने इसे निभाया.” उन्होंने फिल्म ‘सत्या’ की रिलीज के 20 साल पूरा हो जाने के मौके पर एक पैनल चर्चा के दौरान रामगोपाल वर्मा की इस फिल्म के बारे में बात की.

सौरभ ने बताया कि बैंडिंट क्‍वीन करने के बाद शेखर कपूर मुझे एक सीरीज तहकीकात करने के लिए मुंबई लाए थे. वहीं उनकी मुलाकात सुधीर मिश्रा से हुई थी. इसके बाद उन्होंने बताया कि सुधीर ने ‘इस रात की सुबह नहीं’ में मुझे रोल दिया. अनुराग कश्‍यप ने फोन पर बताया कि राम गोपाल वर्मा मुझसे मिलना चाहते हैं. उस समय मैंने 9 मालाबार हिल नामक सीरीज लिखी थी.

Bus to National Award 🙂

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सौरभ शुक्ला ऐसे कलाकार हैं जिनकी गिनती बॉलीवुड के वर्सेटाइल कलाकारों में होती है. वह फिल्मों में संजीदा रोल भी करते हैं जॉली एल.एल.बी में जज का मजाकिया रोल भी बड़ी सहजता से करते दिखाई देते हैं.