ये हैं श्रीदेवी की कुछ सदाबहार फ़िल्में, जो आज भी हैं फैन्स के दिल के करीब

श्रीदेवी 54 साल की थी

Updated: February 25, 2018, 12:24 PM IST

बॉलीवुड की ‘चांदनी’ दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी का 54 साल की उम्र में दुबई में शनिवार देर रात निधन हो गया. श्रीदेवी एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने के लिए दुबई गईं थीं. बॉलीवुड में अपने लम्बे फ़िल्मी करियर में उन्होंने कई शानदार फ़िल्में की. ‘हिम्मतवाला’ हो या ‘मॉम’ सभी फिल्मों में उन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग के बदौलत लोगों के दिल में अपनी अमिट छाप छोड़ी. ये पिछले ही साल की बात है कि श्रीदेवी ने फ़िल्मों में 50 साल पूरे किए. आइए जानते हैं उनकी कुछ फिल्मों के बारे में जिन्हें लोग काफी पसंद करते हैं..

mr.india

मिस्टर इंडिया- साल 1987 में रिलीज हुई श्रीदेवी की ये फिल्म बच्चों से लेकर बड़े तक को काफी पसंद आई थी. नीली साड़ी में उन पर फिल्माया गया गाना ‘काटे नहीं कटते ये दिन ये रात’ ने सबको उनका दीवाना कर दिया था. ये उनकी दूसरी सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक थी.

sadma

सदमा- चुलबुली सी दिखने वाली श्रीदेवी ने साल 1983 में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘सदमा’ में मानसिक रूप से अविकसित लड़की का किरदार निभाया था. अपने इस दमदार अभिनय के लिए उन्हें काफी तारीफें भी मिली थी. फिल्म में उनके साथ कमल हासन लीड रोल में थे. कमल को इसके लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिया गया था.

Lamhe

लम्हें- 1991 में रिलीज हुई श्रीदेवी की इस फिल्म में उनके साथ अनिल कपूर लीड रोल में थे। फिल्म का निर्देशन यश चोपड़ा द्वारा किया गया था। फिल्म की कहानी 1986 में रिलीज हुई फिल्म अनोखा रिश्ता से इंस्पायर थी. इस फिल्म ने पर्दे पर प्यार की परिभाषा ही बदल डाली. फिल्म का गाना ‘कभी में कहूं’ आज भी सदाबहार गानों में से एक है. खास बात ये है कि इस फिल्म के लिए अनिल कपूर ने फिल्म के लिए अपनी मूंछे मुंडवाई थी.

chalbaaz

चालबाज- 1989 में रिलीज हुई इस फिल्म में श्रीदेवी डबल रोल में नजर आईं. पर्दे पर उन्होंने सीधीसादी और तेज तर्रार लड़की का किरदार निभाया था. फिल्म का गाना ना जाने कहां से आई है ये लड़की आज भी लोगों को काफी पसंद है. इस गाने की शूटिंग के दौरान श्रीदेवी को तेज बुखार था. लेकिन शूटिंग को कैंसिल ना करते हुए तेज बुखार में उन्होंने इस गाने की शूटिंग की.

MoM

मॉम- साल 2017 में रिलीज हुई फिल्म ‘मॉम’ में श्रीदेवी माँ की भूमिका में दिखीं. फिल्‍म मां और बेटी के रिश्तों की कहानी है जो अपनी बेटी के साथ हुए बलात्कार के खिलाफ इंसाफ पाने के लिए कानून का दरवाजा खटखटाती है और इंसाफ न मिलने पर खुद ही अपनी बेटी के लिए इंसाफ ढूंढने निकल पड़ती है.

Add India.com as a Preferred Source Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Entertainment Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.