बेंगलुरु सिटी पुलिस के केंद्रीय अपराध ब्यूरो ने संडलवुड ड्रग मामले में मंगलवार को बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय के साले और दिवंगत पूर्व मंत्री जीवराज अल्वा के बेटे आदित्य अल्वा के स्वामित्व वाली संपत्तियों पर छापे मारे. बता दें कि आदित्य अल्वा तब से फरार है, जब से पुलिस ने संडलवुड स्टार रागिनी द्विवेदी के घर पर छापे मारे थे. वहीं रागिनी को सोमवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. वह शहर के बाहरी इलाके परप्पना अग्रहारा जेल में है.Also Read - अफेयर की खबरों के बीच वायरल हो रही 'बबीता जी' और 'टप्पू' की ये खास तस्वीर, बाहों में बाहें डाले आए नजर- Pictures

पुलिस ने आदित्य के स्वामित्व वाले रिसॉर्ट्स पर भी छापेमारी की. कथित तौर पर वह यहां पार्टियां आयोजित करता था, जिनमें कन्नड़ फिल्म उद्योग के कई फिल्मी सितारे हिस्सा लेते थे. Also Read - Malaika Arora Birthday: जब शादीशुदा मलाइका अरोड़ा पर दिल हार बैठे थे अर्जुन कपूर, ऐसी है दोनों की लव स्टोरी

Bengaluru Sandalwood Drug Case: CCB conducts search at Aditya Alva's  residence 'House of Lives'Also Read - Meenakshi Sundareshwar Trailer: मुश्किल तो था लेकिन Sanya Malhotra ने एक बार फिर कर दिखाया, वो छोड़कर चला गया लेकिन...

केंद्रीय अपराध ब्यूरो के मुताबिक, आदित्य इस मामले में पांचवां आरोपी बना है. वह एक प्रभावशाली पारिवारिक पृष्ठभूमि से हैं. उसके दिवंगत पिता जीवनराज अल्वा अपने समय के सबसे शक्तिशाली मंत्रियों और नेताओं में से एक थे. उन्हें दिवंगत मुख्यमंत्री रामकृष्ण हेगड़े का दाहिना हाथ माना जाता था.

दिवंगत जीवराज अल्वा फंडिंग इकट्ठा करने के स्किल के लिए जाने जाते थे. वहीं आदित्य की मां नंदिनी अल्वा की गिनती भी राज्य के प्रतिष्ठित लोगों में होती है. वह एक प्रसिद्ध नृत्यांगना और इवेंट ऑर्गनाइजर हैं. वह बेंगलुरु हब्बा (बेंगलुरु फेस्ट) के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. इस फेस्ट को 1999-2004 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री एस.एम.कृष्णा के कार्यकाल के दौरान लॉन्च किया गया था. इससे बेंगलुरु को अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन करने में मदद मिली.