Choreographer Saroj Khan Last Interview: बॉलीवुड की दुनिया में रहने वाले तमाम सितारों को अपनी उँगलियों पर नचाने वाली मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान (Saroj Khan Death) ने अब अपनी आँखें हमेशा के लिए मूंद ली है. सरोज खान के निधन का शोक गहरा है. हम आज आपको सरोज खान की ज़िंदगी के लास्ट इंटरव्यू की कुछ झलक देंगे. दिन था बी टाउन की ‘धक धक गर्ल’ माधुरी दीक्षित का 53वां जन्मदिन. इस मौके पर हमने चाहा की माधुरी की ज़िंदगी के सबसे अहम हिस्से से बात की जाए और तब हमने सरोज खान से बात करने की कोशिश की. ये इंटरव्यू (Saroj Khan Last Interview) उनकी ज़िंदगी का आखिरी इंटरव्यू बन गया.Also Read - Madhuri Dixit ने किया 'देवदास' को याद, इन तस्वीरों में खो गई 'चंद्रमुखी', Shah Rukh Khan बोले- देर रात...

35 साल से अधिक लंबे अपने करियर में 2000 से अधिक गानों के लिए कोरियाग्राफी कर चुकी सरोज खान के लिए माधुरी दीक्षित (Madhuri  Dixit Nene) किसी बेटी से कम नहीं थी. दिवंगत सरोज खान ने बताया था कि ‘मैंने माधुरी की तरह किसी को आज तक डांस करते हुए नहीं देखा’. 90 के दशक को याद करते हुए सरोज खान ने कहा कि ‘जब माधुरी ने इंडस्ट्री में कदम रखा था तब उसे शास्त्रीय और क्लासिक डांस ही आता था और उसी में रूचि भी थी लेकिन मेरे साथ उसने बॉलीवुड स्टाइल सीखने की कोशिश की और आखिर में इस स्टाइल में भी उसने महारत हासिल कर ली’. Also Read - 54 की उम्र में Madhuri Dixit ढाती हैं कहर, दिल धक-धक करने लगता है ये अदाएं देखकर

इंडिया डॉट कॉम ने जब सरोज खान से पूछा कि इस इंडस्ट्री के लोगों के बारे में क्या सोचती हैं आप? तब इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ‘मुझे सब्से ज़्यादा इज़्ज़त माधुरी से मिली है’. अपने कमांडिंग टोन के लिए मशहूर सरोज खान ने अपने ही स्टाइल में हमसे कहा कि ‘माधुरी के जैसा लगन किसी और एक्ट्रेस में नहीं है और न हो सकता है’. Also Read - Saroj Khan की पहली पुण्यतिथि पर हुआ बायोपिक का ऐलान, नाम बदलकर बॉलीवुड में किया था काम

इस पूरे इंटरव्यू में माधुरी के ज़रिए हमने ‘मास्टर जी’ सरोज खान की ज़िंदगी के उन खुशनुमा पलों को याद किया जिसमें हिंदी सिनेमा जगत के सभी रस शामिल थे. इंटरव्यू के अंत में जब हमने पूछा कि क्या माधुरी दीक्षित को बिना बीच में लाए सरोज खान से बातचीत हो सकती है? इसके जवाब में भी सरोज खान ने कहा की ‘जिन बातों में माधुरी नहीं,  उनकी यादें नहीं, उनका काम नहीं उस बातचीत का उन्हें हिस्सा बनना बिल्कुल पसंद नहीं’.

हमें क्या पता था कि ये इंटरव्यू उनकी ज़िंदगी का आखिरी इंटरव्यू हो जाएगा. आप हमेशा हमारे दिलों में ज़िंदा रहेंगी. श्रद्धांजलि !

RIP, Master ji!