जाने- माने पंजाबी गायक दलेर मेहंदी को मानव तस्करी मामले में कोर्ट ने दोषी करार दिया है. हालांकि उन्हें बेल भी मिल गई है. मामला 2003 का है. 15 साल बाद ये फैसला आया है. दलेर पर गैरकानूनी रूप से लोगों को विदेश देने का आरोप है. बता दें, दलेर की जिंदगी का सफर इतना आसान नहीं था. उन्हें बहुत उतार-चढ़ाव देखने के मिले. दलेर बिहार के पटना साहिब के रहने वाले हैं. उनके माता-पिता ने उस समय खूंखार डाकू ‘दलेर सिंह’ के नाम से इंस्पायर होकर दलेर रखा था. फिर उसके बाद सिंगर परवेज मेहंदी से प्रेरित होकर उनके नाम के साथ मेहंदी जोड़ दिया.Also Read - यूपी की बलिया जेल में पानी भरा, मुश्किल में फंसे कैदी, जिला प्रशासन ने...

दलेर का संगीत से गहरा रिश्ता रहा है उनका परिवार सात पीढ़ियों से संगीत से जुड़ा है. दलेर को उनके माता-पिता ने बचपन में ही राग और शबद की शिक्षा दे दी थी. बता दें, दलेर के पिता सरदार अजमेर सिंह चंदन गुरु कीर्तन करते थे. उन्हें शास्त्रीय संगीत का पूरा ज्ञान था. Also Read - MP News: जेल से छूटकर आने के दूसरे दिन ही लड़की को छेड़ा, लोगों ने ऐसे की मरम्मत

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दलेर का संगीत के प्रति ऐसी दीवानगी थी कि उन्होंने 11 साल की उम्र में गोरखपुर के रहने वाले उस्ताद राहत अली खान साहिब से शिक्षा लेने के लिए घर छोड़ दिया था और भागकर उनके पास पहुंच गए थे.

महज 13 साल की उम्र में जौनपुर में 20 हजार लोगों के सामने अपनी पहली स्टेज परफॉर्मेंस दी थी. दलेर मेहंदी की पहला एल्बम ‘बोलो ता रा रा रा’ था जो बेहद हिट हुआ था.

अगर निजी जिन्दगी के बारे में बात करें तो उनकी पहली शादी अमरजीत मेहंदी से हुई थी, उनसे बेटा मंदीप मेहंदी और बेटी अजित मेहंदी हुए. मंदीप और अजित दोनों गाना गाते हैं.