कश्मीर से ताल्लुक रखने वाली ‘दंगल’ और ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ जैसी फिल्मों से चर्चा में आईं बॉलीवुड की एक्ट्रेस ज़ायरा वसीम ने एक्टिंग को अलविदा कह दिया है. जायरा के इस कदर बॉलीवड छोड़ने पर सोशल मीडिया पर बहस सी छिड़ गई है. इंडस्ट्री के कई लोग हैरान हैं. इस मामले में दंगल के डायरेक्टर न‍ितीश तिवारी का भी बयान सामने आ गया है. जायरा ने आमिर खान स्टारर फिल्म दंगर से ही अपने करियर की शुरूआत की थी. डायरेक्टर ने कहा- मेरे ल‍िए ये हैरान कर देने वाली बात है. ये ऐसी उम्मीद नहीं है. लेकिन आख‍िर में ये उसकी ज‍िंदगी का फैसला है कि वो आगे कैसे बढ़ना चाहती है. हां हमें जायरा के इंडस्ट्री से जाने का दुख रहेगा, क्योंकि वो एक शानदार कलाकार है.” Also Read - करण जौहर ने टाइटल विवाद में मधुर भंडारकर से मांगी माफी, बोले- मेरा इरादा आपको परेशान करने का नहीं था

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बता दें, ज़ायरा ने एक्टिंग छोड़ने के पीछे इस्लाम और अल्लाह का हवाला दिया है. ज़ायरा ने इसे लेकर फेसबुक पर एक लंबी पोस्ट लिखा है. ज़ायरा ने इसमें कहा है कि वह दुनियावी और भौतिक चीज़ों में उलझ रही थीं, जिसे उन्होंने पहचान लिया. मैं कभी ये नहीं करना चाहती थी. मैं बॉलीवुड में अपनी रोल मॉडल बताए जाने की बात से भी खुश नहीं हूं. उन्होंने यह भी कहा कि मैं काफी समय से ये महसूस कर रही थी कि मैंने कुछ और बनने के लिए संघर्ष किया. मैं भले ही इस संघर्ष में फिट थी, लेकिन मैं यहां के लिए नहीं बनी हूं.’ ज़ायरा वसीम के इस फैसले और उनकी कही बातों पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कई लोग इस फैसले सराहना कर रहे हैं तो कई उनके इस फैसले को गलत बता रहे हैं. Also Read - मलयालम भाषा की फिल्म 'Jallikattu' का Oscar के लिए हुआ चयन, बॉलीवुड का पत्ता साफ

ज़ायरा वसीम ने लिखा ये पोस्ट
ज़ायरा वसीम ने फेसबुक पर लिखी लंबी पोस्ट में लिखा है कि ‘पांच साल पहले लिए गए मेरे फैसले ने मेरी ज़िंदगी बदल दी थी. मैंने फ़िल्मी दुनिया में कदम रखा और मुझे लोकप्रियता मिली. मैंने जनता का ध्यान अपनी ओर खींचा. मुझे रोल मॉडल बताया जाने लगा. पर मैं कभी भी ऐसा नहीं बनना चाहती थी, कामयाबी और नाकामी को लेकर मेरे विचार ऐसे नहीं थे. मैं बॉलीवुड में बनी पहचान के साथ खुश नहीं थी. मैं इसके लिए नहीं बनी हूं. नाम और शोहरत मुझे गुमराही के रास्ते पर भी ले गया. और मैं अनजाने में अपने ईमान से डगमगा गई. ये मेरे ईमान में दखलंदाजी थी.’

धर्म से खतरे में आ गया था मेरा रिश्ता
धर्म से मेरा रिश्ता खतरे में आ गया था. इससे मैंने अपनी ज़िंदगी में वो बरकतें खो दीं, जो धर्म में थीं. मैं जो कर रही थी, उससे मैं सहमत नहीं थी, इसके बाद भी मैं उसमें फंस रही थी. इससे शांति, ईमान और अल्लाह के साथ मेरे रिश्ते को नुकसान पहुंचाने वाले माहौल का आसान शिकार बन रही थी.

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मैंने इच्छाओं को पहचान लिया
ज़ायरा ने लिखा कि क़ुरआन के ज्ञान से मुझे शांति, संतोष और ज्ञान मिला, जो दुनियावी चीज़ों में नहीं था. हवस और इच्छाओं का क़ुरआन में ज़िक्र है. और मैंने इसे पहचान लिया. इसलिए मैं अल्लाह की शरण में गई, जिससे मुझे राह मिली.पैगम्बर और क़ुरआन के संदेशों ने मेरी ज़िंदगी के मायने बदल दिए.

ज़ायरा ने फ़िल्मी दुनिया में अपनी यात्रा को बेहद थकाऊ बताते हुए कहा कि मैं अधिकारिक तौर पर फैसला लेती हूं कि मैं इससे अलग हो रही हूं.

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