कश्मीर में अब तक की सबसे लंबी हिंसा के बावजूद राज्य की बेटियों ने शिक्षा के शिखर पर अपना झंडा बुलंद किया है। श्रीनगर के पुराने शहर इलाके में रहने वाली जायरा बानो जिसे अब दुनिया दंगल फिल्म की गीता फोगाट के नाम से जानती है ने न सिर्फ फिल्मी दुनिया में अपनी अदाकारी के जलवे बिखेरे हैं बल्कि दसवीं बोर्ड में ए ग्रेड हांसिल शिक्षा जगत में भी अपना परचम लहराया है।Also Read - CBSE 10th 12th Board Exam Date Sheet: सीबीएसई ने जारी की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तारीख, यहां देखें कब होगा किस विषय का एग्जाम

दंगल में गीता को रोल निभाने और अब दसवीं बोर्ड में 92 फीसदी अंक हांसिल करने के बाद जायरा न सिर्फ घाटी में रहने वाले बल्कि देश भर के युवाओं के लिये प्रेरणा बन गई है। अब तक कश्मीर घाटी को देश के कुछ लोग हिंसा के चलते कुछ अलग नज़रिये से देख रहे थे लेकिन जायरा के बेहतर प्रदर्शन के बाद उन लोगों की सोच में भी काफी बदलाव आएगा। जायरा ने ये बड़ा कारनामा ऐसे समय में कर दिखाया है जब कश्मीर अपने सबसे हिंसक दौर से गुजर रहा है। ऐसे में जायरा वहां के युवाओं के लिये एक सकारात्म सोच और उम्मीद के साथ ही अंधेंरे में रोशनी की किरण बनके उभरी हैं। यह भी पढ़ें: मिलिए ‘दंगल’ की छोटी गीता फोगट यानी ज़ाएरा वसिम से, इतनी खूबसूरत हैं की बस देखते रह जायेंगे आप Also Read - फिल्मी दुनिया छोड़ने के 2 साल बाद Zaira Wasim ने शेयर की पहली Photo, आने लगे शादी के प्रपोजल

हाल ही में यहां दसवी बोर्ड की परीक्षाओ के नतीजों की घोषणा हुई है। आतंकी सरगना बुरहानवानी की मौत के बाद अलगावलादियों और सियासी दबाव के साथ ही हिंसा की आग की आंच, परीक्षाओं के आयोजन पर भी पड़ी। लेकिन अंतत: परीक्षाओं का सफल आयोजन हुआ। Also Read - CBSE Board Exam Date Sheet: इस दिन जारी होगी सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की डेट शीट, ऑनलाइन परीक्षा नहीं दे सकेंगे छात्र

करीब 99 फीसदी बच्चों ने परीक्षाओं में अपनी उपस्थिती दर्ज करवाई। इन्ही 99 प्रतीशत बच्चों में गीता फोगाट यानि जायरा वसीम भी शामिल हुई। दंगल की शूटिंग के दौरान ही परीक्षाओं का दौर भी चालू हुआ। जानकारी के मुताबिक जायरा, दंगल की शूटिंग के बिज़ी शेड्यूल में से जैसे-तैसे समय निकाल कर अपनी परीक्षा के लिये मेहनत कर रही थी। अंतत: मेहनत रंग लाई और न सिर्फ जायरा ने परीक्षा पास की बल्कि 92 फीसदी अकों के साथ ए ग्रेड हांसिल कर एक नया इतिहास रच दिया।

सेंट पॉल्स इंटरनेशनल अकेडमी से पढ़ाई करने वाली सोलह वर्षीय जायरा वसीम कहती है कि 92 फीसदी अंक आने से पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। गौरतलब है कि कश्मीर संभाग में दसवीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे 83 फीसदी रहे, जिसमें लड़कों ने 84.61 और लड़कियों ने 81.45 फीसदी अंक हासिल किए।

गौरतलब है कि इससे पहले आठ साल की तजामुल इस्लाम ने पहली सब जूनियर वर्ल्ड किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में 90 देशों की प्रतिस्पर्धा में गोल्ड जीतकर काफी सुर्खियां बटोरी थी।