मुंबई: साल 2001 में आई फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ से बॉलीवुड की दुनिया में कदम रखने वाली एक्ट्रेस दीया मिर्जा ने हमेशा अपने बेबाकपन के लिए जानी गई हैं. अभिनेत्री-निर्माता दीया मिर्जा ने कई अन्य हस्तियों और उद्यमियों के साथ कोविड-19 के प्रकोप पर चिंता व्यक्त की है, जो संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के पैरोकार और अलमनाई हैं. अभिनेत्री ने सहायता के लिए
दुनिया के दूरदराज में पहुंचने की उम्मीद जताई है. Also Read - एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट हिमांशी खुराना को हुआ कोरोना, किसानों के प्रोटेस्ट में शामिल हुई थी सिंगर

दीया मिर्जा और एसडीजी के अन्य पैरोकार जैसे जैक मा (अलीबाबा समूह के संस्थापक) ने 3 अप्रैल को जारी एक बयान में कहा है कि वे प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं. Also Read - कोरोना काल में प्रवासी श्रमिकों के लिए 'मसीहा' बने सोनू सूद क्या राजनीति में आएंगे? जानें अभिनेता ने क्या दिया जवाब

बयान में अफ्रीका, मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया, लैटिन अमेरिका और छोटे द्वीपों में कमजोर देशों की रक्षा और सहायता के लिए वैश्कि रूप से तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया गया है. बयान में आग्रह किया गया है कि “नेता, नीति निर्धारक और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से जी20 और जी7, को इन क्षेत्रों में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक संसाधनों को जुटाने के लिए जल्दी और निर्णायक रूप से कार्य करना चाहिए.” Also Read - School Reopening Latest News: यूपी में 80% पैरेंट्स बच्चों को नहीं भेजना चाहते स्कूल, पढ़ें पूरा सर्वे

दीया ने कहा कि कोविड-19 के लिए खड़े होने के लिए वित्तीय और अन्य सहायता के संबंध में एक ग्लोबल मूवमेंट की आवश्यकता है.

अभिनेत्री ने कहा, “कोविड -19 वायरस भौगोलिक सीमाओं से परे है. यह प्रकृति का एक संदेश है. पारिस्थितिक संतुलन की रक्षा, सुरक्षा, पुनस्र्थापना के लिए जागरूक होकर सभी को एक साथ काम करने का यह आह्वान है क्योंकि हमारा स्वास्थ्य पर्यावरण के स्वास्थ्य से निर्धारित होता है. यह एकजुटता, एकता, मानवता के लिए एक वायरस के खिलाफ लड़ाई के कारण होने वाले नुकसान और असमानताओं से निपटने और उबरने के लिए एक साथ काम करने का समय है.”

उन्होंने कहा कि लोगों के लिए सामूहिक रूप से यह स्वीकार करने का समय भी है कि सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हमें प्राकृतिक आवासों को नष्ट करना बंद करना चाहिए और सभी अवैध वन्यजीव व्यापार को रोकना चाहिए. और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वैश्विक संघर्ष विराम होना चाहिए क्योंकि हम इस लड़ाई एक वायरस के खिलाफ लड़ रहे हैं.

इनपुट-एजेंसी