Dilip Kumar 98 Birthday on Jumma Day health update love story with madhubala and unknown facts- बॉलीवुड के ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार का 11 दिसंबर को जुम्मे के दिन 98 साल के हो गए. दिलीप कुमार का जन्म 11 दिसंबर 1922 को पेशावर में हुआ था. हाल ही में खबरें थी कि दिलीप साहब की तबियत खराब है. सायरा बानो ने फैंस से अपने पति के लिए दुआ करने को भी कहा था. एक इंटरव्यू में सायरा ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है. मेरी भी नहीं. ये साल हम लोगों के लिए बहुत बुरा रहा. इसी वजह से इस बार दिलीप कुमार का जन्मदिन नहीं मनाया जाएगा. Also Read - Alia Bhatt Bridal Look: पिंक लहंगे और भारी गहनों में अप्सरा लग रही हैं Alia, Ranbir नहीं इनकी बनी दुल्हनिया

सायरा ने ये भी कहा कि उन्हें दिलीप कुमार की सेवा करना बहुत अच्छा लगता है. वे इसे किसी के सामने दिखाने के लिए ऐसा नहीं करती बल्कि उन्हें ऐसा करने से सुकूंन मिलता है. इस मौके पर हम आपको बताते हैं ट्रेजेडी किंग के बारे में कई अनसुनी बातें. Also Read - Tapsee Pannu ने टैक्स चोरी के आरोपों पर 3 बातें लिखकर दी सफाई, Kangana पर तंज कसते हुए कहा 'सस्ती नहीं रही मैं'

बॉलीवुड की नाकाम प्रेम कहानियों की बात की जाये तो सबसे पहले ज़हन में आती है दिलीप कुमार-मधुबाला की अधूरी प्रेम कहानी. चलिए जानते हैं बेइंतेहा मोहब्बत होने के बावजूद आखिर दिलीप- मधुबाला की प्रेम कहानी कैसे अधूरी रहे गई. Also Read - Rakhi Sawant की जिंदगी पर बायोपिक बनाना चाहते हैं Javed Akhtar, कहा 'Alia-Deepika मेरी पहली पसंद'

1957 में फिल्म ‘तराना’ से दिलीप कुमार-मधुबाला की प्रेमकहानी की शुरू हुई. दिलीप कुमार और मधुबाला ने जब एक दूसरे को पहली बार देखा था तभी से दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे थे. पर दिलीप कुमार अपनी मोहब्बत का इज़हार करने से हिचकिचा रहे थे. आख़िरकार इस प्रेम कहानी में पहल की खुद मधुबाला ने जो की थी.

मधुबाला ने बेहद ही खास अंदाज़ में दिलीप कुमार को प्रपोज़ किया. उन्होंने एक चिट्ठी दिलीप कुमार को भिजवाई. चिट्ठी के साथ एक  गुलाब का फूल भी भेजा और चिट्ठी में लिखा की आप मुझसे प्यार करते हैं तो यह गुलाब का फूल कबूल कीजिए. और दिलीप कुमार ने वो फूल कबूल कर लिया.

दिलीप कुमार और मधुबाला की प्रेम कहानी शुरू हो गई थी. जानकारों के मुताबिक दोनों इश्क में इतने डूब गए थे कि मधुबाला जहां भी शूटिंग करती थीं दिलीप कुमार वहां चले जाते. दिलीप कुमार और मधुबाला ने तराना, संगदिल, अमर, मुघल ए आज़म जैसी सदाबहार फिल्मों में साथ काम किया !कहते हैं कि दिलीप कुमार और मधुबाला का रिश्ता सगाई तक पहुंच गया था. लेकिन मधुबाला के पिता अताउल्ला खान की वजह से यह सगाई टूट गई और यह प्रेम कहानी अधूरी रह गई.

मधुबाला के पिता  अताउल्ला मधुबाला के साथ सेट पर जाते थे. वो मधुबाला पर हमेशा नजर रखते थे. अपनी बेटी को अच्छी तरह से समझने वाले अताउल्लाह ने बड़ी आसानी से  दिलीप कुमार और मधुबाला की नजदीकियों को भांप लिया था. अताउल्लाह हमेशा मधुबाला के साथ सेट पर मौजूद रहते और हर बात में दखल अंदाजी करते. इसी वजह से दिलीप कुमार अताउल्लाह को नापसंद करने लगे थे.

दिलीप कुमार और मधुबाला शादी करना चाहते थे, लेकिन बताया जाता हैं की शादी से पहले दिलीप ने मधुबाला को फिल्में और अपने पिता दोनों को  छोड़ने की शर्ते रखीं. लेकिन मधुबाला को दिलीप की ये बात बिलकुल पसंद नहीं आई क्योंकि मधुबाला अपने वालिद अताउल्ला से बहुत ज्यादा प्यार करती थीं.

इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़े होने लगे. 1956 में बात और बिगड़ गई, जब फिल्म नया दौर की शूटिंग के लिए बी आर चोपड़ा ने भोपाल में शूटिंग का फैसला किया.

मधुबाला के पिता को मुंबई से बाहर जाकर शूटिंग करना मंजूर नहीं था. बस क्या था फिल्म में मधुबाला की जगह बैजंती माला को साइन कर लिया गया. कहते हैं कि इस बात में दिलीप कुमार ने भी बी आर चोपड़ा का साथ दिया.

चोपड़ा ने अखबार में इश्तिहार देकर इस बात को ज़ाहिर किया. इश्तिहार में मधुबाला पर एक कट का निशान लगा था और उसकी जगह बैजंतीमाला की फोटो लगी थी. बताया जाता है की अताउल्ला खान इस बात से गुस्सा हुए और जवाब में उन्होंने एक इश्तिहार दिया जिसमें मधुबाला की तमाम फिल्मों के नाम थे और आखिर में ‘नया दौर’ के नाम पर कट का निशान लगा लगाया. इतना ही नहीं बल्कि अताउल्लाह ने फिल्म की शूटिंग पर रोक लगाने के लिए अदालत में केस भी कर दिया.

अदालत में सुनवाई के दौरान दिलीप कुमार को भी गवाही के लिए बुलाया गया. उस वक़्त अदालत में दिलीप से यह भी पूछा गया कि क्या वो मधुबाला से प्यार करते हैं? तब दिलीप कुमार ने सबके सामने कहा की हां, मैं मधु से प्यार करता हूं और उसे हमेशा करता रहूंगा! लेकिन अब तक बहुत देर हो चुकी थी मधुबाला दिलीप कुमार के रवैय्ये से बेहद खफा हो गई थीं. दिलीप कुमार भी उन्हें मना नहीं पाए और इस तरह से बॉलीवुड की यह प्रेमकहानी अधूरी रह गई.

23 फरवरी को मधुबाला ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया. जिस वक्त मधु की मौत हुई दिलीप मद्रास में एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. जब तक उन्हें खबर पहुंची. बहुत देर हो चुकी थी. उस मनहूस शाम को वे जब घर पहुंचे तब तक अभिनेत्री का अंतिम संस्कार हो चुका हा. वे आखिरी बार देख तक नहीं पाए.