डिस्कवरी चैनल की ओर से अगले महीने से ‘ब्रेकिंग प्वाइंट : इंडियन एयर फोर्स एकेडमी’ नामक एक खास धारावाहिक की शुरुआत होने जा रही है. इसमें दर्शकों को भारतीय वायुसेना के जांबाजों के जीवन के रोमांचक और प्रेरक पहलू देखने को मिलेंगे. डिस्वकरी चैनल की ओर से कहा गया है कि चार एपिसोड के इस धारावाहिक में हैदराबाद स्थित भारतीय वायुसेना अकादमी में प्रवेश से लेकर कैडेट और अधिकारी बनकर नेतृत्व की भूमिका में आने तक के सफर को दर्शाया जाएगा. Also Read - चक्रवात अम्फान: राहत अभियानों के लिये भारतीय वायुसेना के 25 विमान एवं 31 हेलीकॉप्टर तैयार

इस मौके पर एयर मार्शल अमित तिवारी वीएम, कमांडेंट एयर फोर्स एकेडमी ने कहा, “नई पीढ़ी को इस कार्यक्रम में एक युवा के वायुसेना में शामिल होकर अनुशासित जीवन पद्धति अपनाने से अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय देने तक की कहानी देखने को मिलेगी जिससे आज के युवा प्रेरित होंगे और सेना में शामिल होकर खुद भी वैसा ही कुछ करना चाहेंगे.” Also Read - इंडियन एयरफोर्स POK में आतंकी ठिकाने ध्‍वस्‍त करने के लिए 24 घंटे तैयार: IAF चीफ

डिस्कवरी की ओर से बताया गया कि धैर्य, गर्व, भय और देशभक्ति की भावनाओं से ओतप्रोत कार्यक्रम ब्रेकिंग प्वाइंट में चार कैडेट-मुदित तिवारी, प्रिया शर्मा, अमोघ भंड्रालिया और कार्तिक ठाकुर के वायुसेना में सफर की कहानी को दर्शाया गया है. यह कार्यक्रम चार जून से हर सोमवार रात 9 बजे डिस्कवरी चैनल और जियो टीवी, एयरटेल विंक और यूट्यूब पर दर्शक देख सकते हैं. Also Read - कोविड-19 महामारी से बदले हालातों का सेना की तैयारियों पर कोई असर नहीं पड़ने देंगे: एम.एम नरवणे

‘ब्रेकिंग प्वाइंट : इंडियन एयर फोर्स एकेडमी’ ने सह-प्रस्तुतकर्ता प्रायोजक के रूप में महिंद्रा सहित बड़े विज्ञापनदाताओं को आकर्षित किया है. यह एयरटेल 4जी और वीवो मोबाइल्स द्वारा को-पावर्ड है जबकि ब्लू स्टार एयर कंडीशनिंग और फॉर्च्यून वीवो सहयोगी प्रायोजकों के रूप में साथ हैं.

डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया, प्रीमियम एंड डिजिटल नेटवर्क्‍स के उपाध्यक्ष और प्रमुख जुल्फिया वारिस ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि यह कार्यक्रम देश में दो करोड़ से ज्यादा लोग देखें. एक नागरिक से लेकर वायुसेना में भर्ती होने तक का सफर बेहद कठिन और शरीर को तोड़ कर रख देने वाला होता है. इस कोर्स के हर चरण की अपनी कहानी है, इनमें अलग-अलग परीक्षाएं और चुनौतियां हैं और डिस्कवरी के माध्यम से हम इन परिवर्तनों को करीब से देख सकते हैं.”