नई दिल्ली: सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस को आख़िरकार सीबीआई जांच की अनुमति दे दी गई है मगर अब सुप्रीम कोर्ट में एक पीआईएल (जनहित याचिका) दायर कर बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन (Disha Salian) की मौत की जांच भी सीबीआई से कराने का निर्देश देने की मांग की गई है. याचिका में दोनों मामलों के एक-दूसरे से जुड़ा होने का हवाला दिया गया है. वकील विनीत ढांडा द्वारा दायर की गई याचिका में मुंबई पुलिस को सालियन के मामले (Disha Salian Death Case) में विस्तृत जांच रिपोर्ट रिकॉर्ड रखने का निर्देश देने की मांग की गई है. ऐसी खबर है कि उनकी केस फाइल गायब है या डिलीट कर दी गई है. Also Read - ड्रग चैट में दीपिका का नाम आने पर कंगना ने किया कटाक्ष बोलीं- हाई सोसायटी के बच्चे पूछते हैं- माल है क्या?

ढांडा ने शीर्ष अदालत से आग्रह किया कि रिपोर्ट मांगी जाए और संतुष्ट नहीं होने पर इस मामले को आगे की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो को भेजा जा सकता है. मुंबई के मलाड पश्चिम में एक आवासीय इमारत (रीजेंट गैलेक्सी) की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद आठ जून को दिशा सालियन की मौत हो गई थी. याचिका में कहा गया कि “इसके एक हफ्ते बाद, 14 जून की सुबह, सुशांत सिंह राजपूत ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जो संदेह पैदा करता है.” Also Read - अंकिता लोखंडे के पापा की बिगड़ी तबियत, एक्ट्रेस जल्द ठीक होने की मांग रही है दुआ

दलील में तर्क दिया गया कि सालियन अभिनेता रोहन राय के साथ रिश्ते में थीं, जो कुछ टीवी धारावाहिकों में काम कर चुके हैं और दोनों लॉकडाउन खत्म होने के बाद शादी करने वाले थे. मुंबई पुलिस को दिए गए एक पारिवारिक बयान के अनुसार, परिवार रिश्ते से खुश था. जोड़ा लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार कर रहा था और उसके बाद वे तुरंत शादी करना चाहते थे. Also Read - अनुराग कश्यप और कंगना रनौत में तीखी बहस, बोले- तू ही है इकलौती मणिकर्णिका- 'चीन पर कर लें चढ़ाई'

याचिकाकर्ता ने जोर देकर कहा है कि सुशांत और सालियन की मौत आपस में जुड़ी हुई है. राजपूत की पूर्व मैनेजर की मौत के बारे में विवरण प्राप्त करने के लिए बिहार पुलिस मालवणी पुलिस स्टेशन पहुंची. हालांकि, मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस को बताया कि उनके मामले का विवरण दुर्घटनावश डिलीट हो गया है और इसे पुनप्र्राप्त नहीं किया जा सकता है. इस पर धयान दिया जाना चहिए कि मुंबई पुलिस के जांच अधिकारी शुरू में मामले का विवरण साझा करने के लिए तैयार थे, लेकिन एक फोन कॉल आने के बाद चीजें बदल गईं.

याचिका में तर्क दिया गया कि बिहार पुलिस ने फोल्डर को पुन: प्राप्त करने में मदद करने की पेशकश की, लेकिन अधिकारियों को लैपटॉप का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी गई. याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि वर्तमान परि²श्य में सलियन और सुशांत सिंह की हत्याओं की सीबीआई जांच आवश्यक है. याचिकाकर्ता राजनेताओं के हस्तक्षेप के बिना उनकी हत्या के मामले में निष्पक्ष सुनवाई चाहते हैं.