नई दिल्ली: युवा दिलों में बसने वाली फिल्म ‘रांझणा’ को कल सात साल हो गएं. इस ख़ास मौके पर फिल्मकार आनंद एल राय जहां एक तरफ इमोशनल हो गए वहीं दूसरी तरफ अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने अपने जीवन में इस फिल्म के महत्व को दोबारा समझा. स्वरा ने याद किया कि कैसे फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके अंदर धर्म में आस्था पैदा हुई क्योंकि इससे पहले वह कभी भी ‘धार्मिक व्यक्ति’ नहीं रही थीं. Also Read - ज़ोया और कुंदन के इश्क़ ने पूरे किए 7 साल, फिल्म 'रांझणा' को याद कर भावुक हुए निर्देशक आनंद एल. राय    

स्वरा ने कहा, ” ‘रांझणा’ वास्तव में एक विशेष फिल्म थी, जिसने मुझे एक कलाकार के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में बदल दिया. बिंदिया का किरदार निभाते हुए मुझे एक ऐसी आस्था का अहसास हुआ जो मैंने पहले कभी महसूस नहीं किया था. मैं कभी भी धार्मिक व्यक्ति नहीं थी, लेकिन बिंदिया बहुत धार्मिक है और बहुत आस्थावान है.” Also Read - फैजल सिद्दीकी का TikTok अकाउंट बैन, एसिड अटैक पर बनाया था वीडियो, स्वरा भास्कर ने कही ये बात 

‘रांझणा’ ने पूरे किए 7 साल

‘रांझणा’ वाराणसी की प्रेम कहानी थी. फिल्म में स्वरा ने बिंदिया की भूमिका निभाई थी, जो दक्षिण के स्टार धनुष द्वारा निभाए गए किरदार कुंदन के बचपन की दोस्त थी और उससे प्यार भी करती थी. उन्होंने बनारस में मंदिरों के आसपास शूटिंग करने की बात याद की. Also Read - स्वरा के जन्मदिन पर सोनम का ये खास मैसेज हो रहा है VIRAL, ऐसा क्या कह दिया!

स्वरा ने कहा, “हम बनारस में शूटिंग कर रहे थे, मंदिरों से घिरे हुए और मुझे याद है कि धनुष के साथ पहली बार काशी विश्वनाथजी जा रहे थे. मैंने स्पष्ट रूप से एक तरह की एक जागृति महसूस की और तब से मेरी बनारस और काशी विश्वनाथ जी में गहरी आस्था रही है. मैं आध्यात्मिक हो गई. बिंदिया के किरदार ने मुझे बदल दिया. स्वरा का कहना है कि ‘रांझणा’ उनके लिए हमेशा खास रहेगी.