
Pooja Batra
पत्रकारिता में 20 साल से अधिक का अनुभव. 2001 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के बाद, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से M.A किया. फिर भारतीय विद्या भवन के फिल्म एंड टीवी ... और पढ़ें
बॉलीवुड के दो चमकते सितारे, फराह खान और फरहान अख्तर, न सिर्फ टैलेंटेड हैं बल्कि रिश्ते में चचेरे भाई-बहन भी. दिलचस्प बात ये है कि दोनों एक ही दिन अपना बर्थडे भी सेलिब्रेट करते हैं. इस मौके पर जानते हैं कुछ खास बातें. फराह की मां मेनका ईरानी और फरहान की मां हनी ईरानी बहनें हैं. दोनों के बीच अच्छी बॉन्डिंग भी है. कुछ वक्त पहले फराह ने अपने एक व्लॉग में कि पैरेंट्स के सेपरेशन के बाद वे जब फरहान के घर रही थीं तब हनी ने उनकी बहुत मदद की थी.
फैमिली कनेक्शन
क्रिएटिविटी की बात करें तो वो दोनों ही परिवारों में कूट-कूटकर भरा हुआ है. दोनों का जन्म 9 जनवरी को हुआ है. फरहान का 1974 में और फराह का 1985 में. हालांकि दोनों का स्टाइल बिल्कुल अलग है. अब सवाल ये है कि दोनों में से सबसे ज्यादा इनोवेटिव और क्रिएटिव कौन है?
फरहान अख्तर रेवोल्यूशनरी
फरहान अख्तर की बात करें तो ये क्रिएटिव, इंटेलेक्चुअल और रेवोल्यूशनरी है. उनकी डेब्यू डायरेक्टोरियल दिल चाहता है ने बड़े पर्दे पर खूब धमाल मचाया. जिस वक्त फिल्में फैमिली ड्रामा और रोमांस पर फोकस कर रही थीं वहीं इन्होंने रिलेशनशिप को बड़े ही कूल अंदाज में और यूथ से जुड़ा हुआ दिखाया. आमिर खान, सैफ अली खान और प्रीति जिंटा स्टारर ये फिल्म कल्ट क्लासिक बनी और यही नहीं इसे नेशनल अवार्ड भी मिला.
फरहान अख्तर की फिल्में
यही नहीं दिल चाहता है के बाद ऋतिक रोशन स्टारर फिल्म लक्ष्य (2004) में उन्होंने वार, पर्सनल ग्रोथ और पैट्रियॉटिज्म को गहराई से एक्सप्लोर किया. इस फिल्म को भी लोगों ने बहुत पसंद किया. फिर डॉन (2006) और डॉन 2 (2011) में स्टाइलिश एक्शन रीमेक बनाकर कमर्शियल सक्सेस भी हासिल की. फरहान मल्टी-टैलेंटेड हैं. अब उन्हें क्या कहकर संबोधित करें- डायरेक्टर, एक्टर, राइटर, सिंगर और प्रोड्यूसर. या फिर क्रिएटिविटी का खज़ाना. गिनती की बात करें तो उनकी फिल्में कम जरूर हैं लेकिन बेजोड़ हैं. हाल ही में रिलीज़ हुई उनकी मूवी 120 बहादुर रिलीज हुई, जो 1962 इंडो-चाइना वॉर पर बेस्ड है वहीं डॉन 3 से एक बार फिर वो लोगों के दिलों पर छा जाने वाले हैं. फरहान को खतरनाक बोला जा सकता है कि वो हर बार कुछ नया करके एक ट्रेंड सेट करते हैं और लॉन्ग लास्टिंग इंपैक्ट छोड़ते हैं.
मशहूर कोरिग्राफर फराह खान
बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर और डायरेक्टर फराह खान की बात करें तो इन्होंने लगभग 100 से ज्यादा गानों पर डांस कंपोज किया और डायरेक्टर बनीं. इन्हें नेशनल अवार्ड से भी नवाजा गया. उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू मैं हूं ना (2004) ने शाहरुख खान को एक्शन-कॉमेडी में नया अवतार दिया. फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इसके बाद फिर ओम शांति ओम (2007) आई, जिसमें दीपिका पादुकोण और शाहरुख खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी. इसे उस साल की सबसे हिट फिल्म कहा जाता है. फिर हैपी न्यू ईयर (2014) ने बॉक्स ऑफिस पर 380 करोड़ से ज्यादा कमाए. फिलहाल ये डायरेक्टर जजिंग, व्लॉगिंग और कैमियो में बिजी हैं.
फरहान अख्तर VS फरहा खान
वैसे तो क्रिएटिविटी की तुलना करना अपने आप में बेमानी है जहां फरहा लोगों को एंटरटेन करने के लिए मशहूर हैं वहीं फहरान अपनी कल्ट क्लासिक फिल्मों के लिए मशहूर हैं. फराह की ताकत मास अपील और कमर्शियल धमाके में है. वहीं अगर ‘खतरनाक’ की बात करें तो इनोवेशन और कल्चरल के मामले में फरहान आगे हैं. दोनों ही अलग-अलग तरीके से बॉलीवुड को रिच बनाते हैं.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Entertainment Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.