फिल्म ‘बैंजो’ मूवी रिव्यू

प्रमुख कलाकार- रितेश देशमुख, नर्गिस फाखरी

निर्देशक- रवि जाधव

स्टार रेटिंग- 1/5

बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख और नरगिस फाखरी की फिल्म ‘बैंजो’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। फिल्म की शुरुआत न्यूयॉर्क में रहने वाली क्रिस यानि नरगिस फाखरी से शुरू होती है। नरगिस, रितेश देशमुख और उसके बैंड द्वारा बजाये गए एक गाने के क्लिप को देखकर मुंबई आती है।  जहां वो बैंजो (म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट) को बजाने वालों की तलाश शुरू करती है। और वो चार लड़कों से मिलती है। तराट (रितेश देशमुख), ग्रीस (धर्मेश येलांडे), पेपर (आदित्य कुमार) और वाजा (राम मेनन) मस्ती के लिए बैंजो बजाते हैं। इनके संगीत को सुन कर क्रिस काफी खुश होती है और उन्हें समाज में इज्जत और फेमस करने के मकसद से खुद का बैंड बनाने की कोशिश करती है।

फिल्म में निर्देशक रवि जाधव ने बैंजो बजाने वालों के दुःख को अपने फिल्म के द्वारा दिखाया है। समाज में लोग बैंजो बजाने वालों के लिए कैसी धारणा रखते हैं। लोग बैंजो बजाने वालों को रस्ते का म्यूजिक समझते हैं। ये सारी चीजे फिल्म में दिखाया गया है।

फिल्म बैंजो एक सीरियस मुद्दे पर आधारित फिल्म है लेकिन फिल्म में कॉमेडी का तड़का लगाया गया है। जो कि इसे ख़राब करती है। फिल्म में गाने जबरन डाले गए हैं जिसके कारण फिल्म अपनी मूल कहानी से भटकती हुई दिखती है।

फिल्म में रितेश देशमुख ने शानदार अभिनय किया है और एक बैंजो बजाने वाले की भूमिका को बिल्कुल सही तरह से पर्दे पर निभाया है। फिल्म में रितेश का लुक एक रॉक स्टार की तरह से दिखाया गया है।  वैसे बात करें अन्य कलाकारों की तो  रितेश देशमुख को छोड़कर किसी ने भी फिल्म में कोई खास अभिनय नही किया है। नरगिस फाखरी ने थोड़ी सीरियस एक्टिंग करती हुई दिखीं। ये भी पढ़ें: पार्चड रिव्यु: राधिका आप्टे की इस आउटस्टैंडिंग फिल्म को ज़रूर देखें

निर्देशक रवि जाधव जो दिखाना चाहते थे वो सही ढंग से दिखा नहीं सके। फिल्म की कहानी अपने मूल से बिल्कुल भटकती नजर आई। फिल्म शुरुआत में बेहद उबाऊ है लेकिन इंटरवल के बाद थोड़ी लय पकड़ती नजर आती है।

अगर आप रॉकस्टार जैसी फील्मों के दीवाने हैं और ये सोचकर ‘बैंजो’ देखने जा रहे हैं तो ये फिल्म आपको पूरी तरह निराश करेगी। फिल्म में गानों को जबरन ठुंसा गया है। जो कि इसे कहानी से भटकाती है। फिल्म के गाने भी लोगों पर अपना कोई खास प्रभाव छोड़ सके।