आपने कभी हाथ में रखे सिक्कों के बारे में सोचा है? हो सकता है यह सिक्का किसी ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता हो. सिक्कों की कहानी पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बनी है जो कि डॉ. भानु प्रताप सिंह के छत्तीसगढ़ के सिक्कों के संग्रह पर आधारित है. इसका फिल्मांकन जून में हुआ. भानु प्रताप सिंह के छत्तीसगढ़ के सिक्कों के संग्रह को व्यवस्थित तरीके से डिस्प्ले कर एक प्रदर्शनी की गई थी व इसका फिल्मांकन राजाओं के हर सिक्कों पर आधारित कहानी को लेकर किया गया. यह फिल्म छत्तीसगढ़ : एक मौद्रिक इतिहास को दर्शाता है. Also Read - Government stops production of coin due to lack of storage space | भंडार की जगह की कमी के कारण बंद हुआ सिक्कों का उत्पादन

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फिल्म ‘छत्तीसगढ़ : ए न्यूमिस्मैटिक हिस्टोरी’ का निर्माण आदित्य प्रताप सिंह एन्टरटेनमेन्ट्स के द्वारा किया गया है. लगभग 100 मिनट की इस फिल्म में डॉ भानु प्रताप सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, रितिका बदियानी, एक्ट्रेस व अस्मिता अरोरा ब्लागर महत्वपूर्ण रोल कर रहे हैं. Also Read - Rajsthan: 13 years Old Brother Buys Scooter For His Sister with Coins Worth 62 Thousands | 13 साल के भाई ने 62 हजार रुपए के सिक्कों से बहन के लिए खरीदा अनोखा गिफ्ट

डा. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि वे बचपन से ही सिक्का संग्रहण करते आ रहे है जो कि कालांतर में एक जूनून बन गया और आज उनके संग्रह में पूरी दुनिया से लाखों सिक्के व कागजी मुद्रा हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें प्राचीन काल खासकर छत्तीसगढ़ राज्य , प्राचीन दक्षिण कोसल के सिक्के जमा करना पसंद है क्योंकि यह उनका गृह राज्य है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में प्राप्त होने वाले सिक्के दुनिया के किसी भी प्राचीनतम सभ्यता सें प्राप्त होने वाले सिक्कों की तरह समृद्ध है. छत्तीसगढ़ के सिक्कों पर उन्होने पी.एच.डी. व डी.लिट किया है.

उन्होंने कहा कि ग्राम जौन्दा में मिले सिक्कों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय जरनल में अपने रिसर्च पेपर के द्वारा उन्हें 7वीं सदी ईसा पूर्व, पूर्व जनपद काल का सिद्ध किया है. डॉ सिंह ने बताया कि मल्हार के राजाओं द्वारा मगध के पंच मार्क सिक्कों पर ब्राम्ही का अंकन कर अपनी संप्रभुता का प्रदर्शन करना, अपनी तरह का एक अनोखा सिक्का है. उसी तरह सिरपुर व बस्तर में प्राप्त रिपौसी सिक्के, अपनी तरह के एकमात्र अनोखे सिक्के हैं जिन्हे चांदी या सोने के बहुत ही पतले शीट पर रिपौसी विधि से बनाया गया है. इन सभी सिक्कों को फिल्म में दिखाया गया है .

फिल्म के प्रोडूसर आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि वे बचपन से अपने पिता डॉ भानु प्रताप सिंह के साथ ही सिक्का संग्रहण व इसके प्रचार प्रसार से जुड़े हुए हैं. उन्होने बताया कि उनकी मित्र अभिनेत्री रितिका बदियानी व ब्लागर अस्मिता अरोरा दोनों इस फिल्म में काम कर रही हैं.

अभिनेत्री रितिका बदियानी ने कहा कि यह फिल्म आम फिल्मों से अलग व अनोखी है और वह छत्तीसगढ़ के समद्ध सिक्कों के इस संग्रह से अचंभित व बहुत प्रभावित हैं. फैशन ब्लागर अस्मिता अरोरा ने कहा कि उन्हें इतना महत्वपूर्ण संग्रह देखने को मिला व इसके बारे में विस्तार में जानकारी भी मिली. वह बहुत प्रभावित हैं और इस पर और अध्ययन कर व डॉ. सिह से और जानकारी लेकर ब्लॉग लिखने हेतु अति उत्साहित हैं.

(आईएनएस)

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