मुंबई: फिल्मकार कबीर खान का कहना है कि ‘मी टू’ के तहत निशाने पर आए अधिकतर नामों पर “गुपचुप रूप से कानाफूसी” पहले भी होती थी, लेकिन लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते थे. बेदी ने कहा कि ऐसा अब दोबारा नहीं होगा.

‘मी टू’ अभियान के तहत यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार को लेकर विकास बहल, आलोक नाथ और साजिद खान जैसे बॉलीवुड के कई बड़े नाम निशाने पर हैं. कबीर ने कहा कि “निश्चित रूप से ईमानदारी से कहूं तो हम सभी इसके सहभागी हैं. मैंने अपने चारों तरफ यह सब देखा. यह वे लोग हैं जिनके साथ मैंने काम किया है, जिन्होंने मेरे लिए काम किया है. वे लोग जो मेरे लिए कास्टिंग का काम करते थे, वह मेरे अभिनेता थे. उनमें से अधिकतर के बारे में गुपचुप रूप से बातें होती थीं.” उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके बारे में हमें पता था लेकिन हम चुप रहे.

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फिल्मकार जियो ‘मामी’ फिल्म उत्सव के 20 संस्करण के ‘मी टू‘ सत्र के दौरान बोल रहे थे. कबीर ने कहा, ‘‘मी टू अभियान के कारण बड़ा बदलाव आया है और अब हम ऐसा (चुप रहना) दोबारा नहीं करेंगे. इस पर थोड़ी सी भी बुदबुदाहट सुनने पर, मैं त्वरित रूप से इस पर प्रतिक्रिया दूंगा.’’

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करीब 15 दिन पहले अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा नाना पाटेकर पर सालों पहले एक फिल्म के दौरान यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद पूरे देश में मीटू अभियान जोर पकड़ चुका है. अलग-अलग पेशों से जुड़ी महिलाएं वर्कप्लेस पर अपने साथ हुए यौन दुर्व्यवहार के किस्से बयां कर रही हैं. ऐसे ही आरोपों के चलते केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा.