भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय शख्सियतों वीरू देवगन, अभिनेता-फिल्मकार कादर खान, मृणाल सेन और गिरीश कर्नाड को एक फिल्म फेस्टिवल के दौरान श्रद्धांजलि दी जाएगी. जागरण फिल्म फेस्टिवल के 10वें संस्करण में प्रसिद्ध व्यक्तियों की विरासत को याद किया जाएगा और उनमें से प्रत्येक की दो फिल्में दिखाई जाएंगी.

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सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में 20 जुलाई को इस श्रद्धांजलि संभाग में रोहित शेट्टी और फिल्म आलोचक राजीव मसंद वीरू देवगन के बारे में बातचीत करेंगे, जिन्हें शेट्टी अपना ‘गुरु’ मानते हैं.

जेएफएफ दिल्ली में 18 जुलाई से शुरू होगा और कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, आगरा, मेरठ, देहरादून, हिसार, लुधियाना, पटना, रांची, जमशेदपुर, गोरखपुर, रायपुर, इंदौर और भोपाल से होकर गुजरेगा और 29 सितंबर को मुंबई में इस महोत्सव का समापन होगा.

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बता दें, फिल्मों में एक्शन निर्देशन के अलावा वीरू ने 1999 में प्रदर्शित फिल्म ‘हिंदुस्तान की कसम’ का निर्देशन भी किया था. इस फिल्म में अजय देवगन और अमिताभ बच्चन ने काम किया था.

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वहीं दूसरी ओर ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके कर्नाड को 1974 में पद्म श्री और 1992 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया. वह 1960 के दशक में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के रोहड्स स्कॉलर भी रहे जिससे उन्होंने दर्शनशास्त्र, राजनीति शास्त्र और अर्थशास्त्र में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की. उनके कन्नड़ भाषा में लिखे नाटकों का अंग्रेजी और कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया गया. उन्होंने मशहूर कन्नड़ फिल्म ‘‘संस्कार’’ (1970) से अभिनय और पटकथा लेखन के क्षेत्र में पदार्पण किया. यह फिल्म यूआर अनंतमूर्ति के एक उपन्यास पर आधारित थी. फिल्म का निर्देशन पट्टाभिराम रेड्डी ने किया और फिल्म को कन्नड़ सिनेमा के लिए पहला राष्ट्रपति गोल्डन लोटस पुरस्कार मिला.

(इनपुट आईएनएस)

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