बॉलीवुड के जाने-माने फिल्ममेकर राकेश रोशन को हिंदी फिल्मों में बतौर निर्माता, निर्देशक, पटकथा लेखक, संपादक व अभिनेता के योगदान के लिए दादासाहब फाल्के फिल्म फाउंडेशन पुरस्कार की तरफ से लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान दिया जाएगा. समारोह के आयोजनकर्ता ग्लोकल थिंकर्स की उपाध्यक्ष पारुल सूद ने कहा, “फिल्म उद्योग के लिए असाधारण काम करने के लिए राकेश रोशन को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड देना सम्मान की बात है. उनकी हाल में निर्मित फिल्म ‘काबिल’ युवाओं के लिए प्रेरणादायी है.”
उन्होंने कहा कि दादासाहब ट्रस्ट ही सिर्फ पर्दे के पीछे के तकनीशियनों को पहचान देता है.
दादासाहब फाल्के फिल्म फाउंडेशन अवॉर्ड्स के अध्यक्ष अशफाक खोपेकर ने कहा, “हम भारतीय फिल्म संस्कृति को समर्थन व बढ़ावा देने के लिए एक सेमिनार व अन्य सामाजिक गतिविधियों के आयोजन की योजना बना रहा हैं.”
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उन्होंने कहा, “मैं तकनीशियनों, कर्मियों व कलाकारों को पेंशन, चिकित्सकीय सुविधाएं जैसे ज्यादातर लाभ प्रदान करने की कोशिश कर रहा हूं.”
पुरस्कार समारोह का आयोजन चित्रकूट ग्राउंड पर 29 अप्रैल को किया जाएगा.
राकेश रोशन ने 1967 में अपना सिनेमाई सफर शुरू किया और 1970 में फिल्म ‘घर-घर की कहानी’ से अभिनय की दुनिया में आगाज किया. उन्होंने ‘खट्टा मीठा’, ‘खेल खेल में’ और ‘खूबसूरत’ जैसी फिल्मों में अपने बेहतरीन अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन किया.
राकेश रोशन ने फिल्म ‘खुदगर्ज’ (1987) से निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा था. राकेश रोशन ने और बेटे ऋतिक के साथ मिलकर ‘कहो ना..प्यार है’ और ‘कोई मिल गया ‘ आदि सफल फिल्में दी हैं.
(इनपुट आईएएनएस)
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