‘फ्रोजन 2’ में न केवल राजकुमारी एना और एल्सा की आगे की कहानी बताई जाएगी, बल्कि इसमें एक पर्यावरणीय संदेश भी है, जिसे काल्पनिक कहानी का रूप देकर दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा.

फिल्म के सह-निर्देशक जेनिफर ली और क्रिस बक का कहना है कि फिल्म में प्रकृति की शक्ति पर प्रकाश डाला गया है.

गांव की इस छोरी के पास खाने के नहीं होते थे पैसे, न्यूड होकर मचा दिया था तहलका

निर्माताओं ने इस परीकथा का प्रकृति के साथ गहरा संबंध पाया. डिजनी की एनिमेटेड फिल्म फ्रैंचाइजी में एना परीकथाओं की एक राजकुमारी है और एल्सा एक पौराणिक नायक है, जिसके पास बर्फ को बनाने और उसके साथ खेलने या हेरफेर करने की अद्भुत क्षमता है.

ली ने टीम के साथ की गई पहली शोध यात्रा को याद करते हुए कहा, “हम जानते थे कि फिल्म में जादू को दिखाना हमारी पहली प्राथमिकता है, पुरानी कथाओं में नार्वे को जिस अंदाज में दिखाया गया है, हम उससे काफी प्रेरित थे और इसी के माध्यम से आइसलैंड के साथ अधिक जुड़ाव महसूस कर पाए.”

इस शोध यात्रा में टीम ने फिनलैंड, नार्वे, आर्केटिक सर्कल के उत्तरी भाग और आइसलैंड का दौरा किया.

ली ने कहा, “आप इस लोककथा को और अधिक रूप में महसूस कर सकते हैं, आप हर जगह प्रकृति को महसूस कर पाएंगे.”

इस पर बक ने कहा, “एल्सा प्रकृति और उसकी शक्ति से काफी जुड़ी हुई है. उसके नक्शे कदम पर चलने का अनुभव काफी अच्छा रहा. हमने महसूस किया कि इन जंगलों में घूमते हुए उसे कैसा महसूस होगा और एना को कैसा लगेगा. हमने जो कुछ भी देखा उससे काफी प्रेरित हुए.”

ली इस शोध यात्रा के अनुभव को काफी सशक्त मानती हैं और अब कहानी में इसी की झलक देखने को मिलेगी.

बक का कहना है कि पहली फिल्म में एल्सा को शायद सबसे अधिक शक्तिशाली रूप में दिखाया गया था और अब इसमें कुदरत की शक्ति के बारे में दिखाई जाएगी.

‘फ्रोजन 2’ साल 2013 में आई फिल्म ‘फ्रोजन’ का सीक्वेल है.

 

बॉलीवुड और मनोरंजन जगत की ताजा ख़बरें जानने के लिए जुड़े रहें  India.com के साथ.