नई दिल्ली: बॉलीवुड इंडस्ट्री में ऐसे कई एक्टर्स हैं जो पिछले कई सालों से काम कर रहे हैं. इसके बावजूद वो अपने हिस्से की लाइमलाइट से दूर हैं. कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जिसके बाद उन एक्टर्स को उनके हक़ की मशहूरियत मिलने लगती हैं. Also Read - National Film Awards: सुरेखा सीकरी को फिल्म 'बधाई हो' में शानदार अभिनय के लिए मिला सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का अवॉर्ड

इसी सिलसिले में साल 1994 में आई फिल्म बैंडिट क्वीन में एक छोटे से किरदार से हिंदी सिनेमा में अपना कदम रखने वाले अभिनेता गजराज राव (Gajraj Rao) पिछले 26 सालों से फिल्म इंडस्ट्री में हैं, लेकिन 2018 में आई उनकी फिल्म ‘बधाई हो’ से उन्हें प्रसिद्धि मिली. उनके अनुसार, यह उनके जीवन का सबसे अच्छा ‘सेकेंड हाफ’ है. गजराज ने कहा, “बधाई हो के बाद अधिक संख्या में बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिकाएं आनी शुरू हो गईं. वे निर्देशक भी फोन करने लगे, जिन्होंने कभी मुझसे संपर्क नहीं किया था. बधाई हो की सफलता के बाद मेरी जिंदगी बदल गई. लोगों ने मेरे ऊपर अपना प्यार बरसाया और वे मुझे पहचानने लगे. मैं इस तरह की एक अर्थपूर्ण फिल्म का हिस्सा बनकर खुद को धन्य महसूस करता हूं. मैं अपने जीवन के उत्तरार्ध को बधाई हो के कारण शानदार तरीके से जी रहा हूं.” Also Read - 'बधाई हो' नीना गुप्ता, ‘द लास्ट कलर’ के लिए बोस्टन फिल्म फेस्टिवल में मिले दो अवॉर्ड्स

गजराज की फिलहाल ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ में उनके काम की प्रशंसा हो रही है. इस फिल्म में उन्होंने ‘बधाई हो’ के बाद एक बार फिर नीना गुप्ता के साथ काम किया है.