Gulshan Kumar Birth Anniversary: बॉलीवुड के इर्द गिर्द ऐसी कई कहानियां तैरती हैं जो मायानगरी जैसे शब्द को परिभाषित करती हैं. हिंदी सिनेमा जगत का एक ऐसा नाम जिसकी कहानी किसी पटकथा से कम नहीं है. अर्श से फर्श और फर्श से फ़ना तक की इस पहेली ने पूरी दुनिया को अचंभित कर दिया था. दिल्ली के दरियागंज में जूस बेचने वाला एक लड़का कैसे इस देश की म्यूजिक कंपनी का स्तंभ बन गया. Also Read - नेहा और टोनी कक्कड़ एक साथ ला रहे हैं नया गाना, जानें कब और कहां होगी रिलीज 

हर सदी में ‘कैसेट किंग’ नाम से मशहूर गुलशन कुमार (Gulshan Kumar) का आज जन्मदिन है. 5 May 1956 को दिल्ली में जन्मे गुलशन ने अपनी ज़िंदगी की कहानी अपने हाथों से बदली है. टी सीरीज (T Series) कंपनी के मालिक गुलशन कुमार ने 80 के दशक में इसकी स्थापना की और फिर 90 के दशक तक दुनिया ने उन्हें ‘कैसेट किंग’ की उपाधि से नवाज़ दिया. Also Read - इस फेमस डायरेक्टर की ननद ने म्यूजिक वीडियो से मचाया था धमाल, बताया इन चीजों को पैसों से नहीं खरीद सकते

नोएडा में टी सीरीज कंपनी का ऑफिस खोलने के बाद उन्होने कुछ वक़्त के बाद मुंबई का रुख कर लिया और फिर धीरे धीरे बॉलीवुड का एक अहम हिस्सा बन गए. भक्ति गीतों और भजनों में महारत हासिल करने के बाद गुलशन ने 1989 में ‘लाल दुपट्टा मलमल का’ गाने से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा. वो एक अच्छे गायक भी थे. बहुत कम वक़्त में फिल्म उद्योग में संगीत का बादशाह बनने वाले गुलशन की मौत भी सनसनीखेज रही. Also Read - उज्ज्वल निकम की जिंदगी पर बन रही फिल्म, कई हाई प्रोफाइल मामलों में कर चुके हैं पैरवी

गुलशन कुमार

12 अगस्त, 1997 को मुंबई के अंधेरी पश्चिम उपनगर जीत नगर में जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर गुलशन की गोली मारकर हत्या कर दी गई. सुबह के वक़्त गुलशन के पीठ और गर्दन में 16 गोलियां उतार दी गई थी. ख़बरों के मुताबिक इस हत्या के पीछे डी कंपनी का नाम आता है. ऐसा कहा जाता है कि डॉन दाऊद इब्राहिम और अबू सलेम ने गुलशन कुमार से फिरौती मांगी थी और इसे मना कर देने की वजह से उनकी हत्या कर दी गई. जानकारी के मुताबिक अबू सलेम के कहने पर दो शार्प शूटर दाऊद मर्चेंट और विनोद जगताप ने गुलशन कुमार की हत्या की थी. कुछ वक़्त बाद इन दोनों को उम्रकैद की सजा सुना दी गई थी.

ऐसा कहते है न हर चमकते हुए सितारे के पीछे अंधेरी रौशनियां होती हैं. इस नायाब हीरे की मशहूरियत और मक़बूलियत ने भले ही इसकी जान ले ली हो मगर वो आज तक और आने वाले हर कल में हम सब के बीच ज़िंदा रहेगा. टी सीरीज की चमक से बॉलीवुड हमेशा रौशन होता रहेगा.